
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून जून और जुलाई में कमजोर रहा है और इन दो महीनों के दौरान देशभर में औसत से 13% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. 31 जुलाई तक बारिश की सबसे ज्यादा कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में रिकॉर्ड की गई है, जहां अब तक इन मॉनसून सीजन के दौरान औसत से 30% कम बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश औसत से 23% कम दर्ज़ की गई.
अगस्त में भी कमजोर रहेगा मॉनसून
अब भारत मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि अगस्त महीने के दौरान भी देश के अधिकतर हिस्सों में मॉनसून के कमजोर रहने की आशंका है और इस महीने बारिश औसत से कम होने की संभावना है.
शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में भारत मौसम विभाग ने कहा, ‘अगस्त 2026 में पूरे देश में औसत मासिक बारिश के सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है. 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर, अगस्त के महीने में पूरे देश में बारिश का Long Period Average (LPA) लगभग 254.9 मिमी है. अगस्त के दौरान, देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, सिवाय उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों के, जहां सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.’

अगस्त-सितंबर में मॉनसून का अपडेट
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सितंबर तक रहेगी बारिश की कमी
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन जून से सितम्बर तक चार महीने चलता है. भारत मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त और सितम्बर के दौरान मानसून सीजन 2026 के दूसरे भाग में भी पूरे देश में औसत बारिश के सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है.
1971-2020 के डेटा के आधार पर, मॉनसून सीजन के दूसरे भाग में अगस्त-सितम्बर को मिलाकर पूरे देश में बारिश का Long Period Average (LPA) लगभग 422.8 mm है. इस दौरान, देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की बहुत संभावना है, सिवाय प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के, जहां सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.

अगस्त में कितनी बारिश?
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अगले एक हफ्ते होगी बारिश
हालांकि अगले एक हफ्ते के दौरान 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान पूरे देश में सामान्य बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी और मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से ज्यादा हो सकती है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में बारिश सामान्य के आस-पास रहने की उम्मीद है.
शुक्रवार को भारत मौसम विभाग ने कहा, पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश पर अवदाब के प्रभाव के तहत अगले दो दिन गुजरात राज्य में और आज रात तक मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है. अगले 6-7 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है.
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