खबर

दिल्ली जल बोर्ड 1,000 से ज़्यादा कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ को भेजेगा नोटिस, करोड़ों का पानी बिल बकाया | delhi jal board notice commercial properties water bill dues lpsc scheme



दिल्ली जल बोर्ड ने लंबे समय से पानी का बिल नहीं चुकाने वाली कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है. बोर्ड 1,000 से ज़्यादा ऐसी प्रॉपर्टीज़ को नोटिस जारी करेगा, जिन पर 25 लाख रुपये या उससे अधिक का पानी बिल बकाया है.

इन प्रॉपर्टीज़ के मालिकों को 15 अगस्त तक बकाया राशि चुकाने के लिए कहा जाएगा. तय समयसीमा तक भुगतान न करने पर संबंधित प्रॉपर्टी को अटैच या सील किया जा सकता है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड ने लंबे समय से बिल नहीं चुकाने वाले बड़े डिफॉल्टर्स की पहचान कर ली है. लेट पेमेंट सरचार्ज यानी LPSC माफी योजना की समयसीमा खत्म होने के बाद उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी.

15 अगस्त तक भुगतान पर 70 फीसदी छूट

दिल्ली सरकार ने शुरुआत में LPSC माफी योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शुरू की थी. बाद में इसका लाभ कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी दिया गया. योजना के तहत 15 अगस्त तक पानी के बिल की मूल बकाया राशि जमा करने वाले उपभोक्ताओं को लेट पेमेंट सरचार्ज पर 70 फीसदी की छूट मिलेगी. इससे पहले 31 जनवरी तक मूल बकाया राशि का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को लेट पेमेंट सरचार्ज में 100 फीसदी की छूट दी गई थी.

5,000 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद

दिल्ली सरकार को इस अभियान के जरिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की मूल बकाया राशि की वसूली होने की उम्मीद है. वहीं, करीब 11,000 करोड़ रुपये का लेट पेमेंट सरचार्ज माफ किया जाएगा. सरकार का मानना है कि सरचार्ज में दी जा रही बड़ी राहत से उपभोक्ता अपने पुराने बकाया बिलों का भुगतान करने के लिए आगे आएंगे.

जल मंत्री के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है. उन्होंने साफ किया कि योजना की समयसीमा खत्म होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 15 अगस्त के बाद दिल्ली जल बोर्ड बड़े कमर्शियल डिफॉल्टर्स के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई शुरू कर सकता है. इसमें प्रॉपर्टी को अटैच करने और सील करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button