

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज नीट (NEET) यूजी काउंसलिंग 2026 तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काउंसलिंग पूरी तरह पारदर्शी, मेरिट बेस्ड, तकनीक आधारित और छात्रों के लिए आसान होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों की हर समस्या का समय पर समाधान किया जाए. बता दें कि इस बार नीट यूजी काउंसलिंग में कॉलेज रिपोर्टिंग से लेकर डॉक्युमेंट वैरिफिकेशन तक में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. जिसके बारे में आगे डिटेल में बताया गया है-
सिर्फ एक बार कॉलेज करना होगा रिपोर्ट
पहले कई बार कॉलेज जाकर दस्तावेज़ जमा करने और फीस भरने की जरूरत पड़ती थी, अब ऐसा नहीं होगा. अगर छात्र फ्रिज ऑप्शन चुनता है, तो उसे सीट मिलने के बाद केवल एक बार कॉलेज जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन और फीस जमा करनी होगी. वहीं, छात्र फ्लोट विकल्प चुनता है और आगे के राउंड में बेहतर सीट चाहता है, तो वह अगले राउंड तक ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकेगा. उसे बार-बार कॉलेज नहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
तीन राउंड तक कर सकते हैं सीट अपग्रेड
जो छात्र बेहतर कॉलेज या सीट चाहते हैं, वे तीसरे राउंड तक सीट अपग्रेड करा सकेंगे. तीसरे राउंड के बाद जिस सीट पर चयन होगा, उसी कॉलेज में जाकर अंतिम प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सीट छोड़ने की ऑनलाइन सुविधा
अगर कोई छात्र नियमों के अनुसार अपनी सीट छोड़ना चाहता है, तो उसे कॉलेज जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी. वह MCC पोर्टल पर ऑनलाइन इस्तीफा दे सकेगा.
ऑनलाइन होगा डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन
- इस बार कई प्रक्रियाएं डिजिटल कर दी गई हैं
- NTA से उम्मीदवारों का डेटा सीधे मिलेगा
- दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन होगा
NMC सीटों की करेगा पुष्टि
बता दें कि इस बार काउंसलिंग में फर्जीवाड़ा कम होगा और प्रक्रिया तेज होगी, क्योंकि एनएमसी सीटों की पुष्टि करेगी.
दिव्यांग उम्मीदवारों को राहत
दिव्यांग उम्मीदवारों के मेडिकल मूल्यांकन केंद्र 16 से बढ़ाकर 61 कर दिए गए हैं. अब मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्र को एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट कहा जाएगा. अगर कोई उम्मीदवार मेडिकल बोर्ड के फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो वह दिव्यांग मूल्यांकन बोर्ड में अपील कर सकेगा.
NRI उम्मीदवारों के लिए भी बदलाव
- NRI कैटेगरी की पूरी प्रवेश प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी
- सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे
- ईमेल से दस्तावेज भेजने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है
- दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन होगा
साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन
सरकार ने बताया कि काउंसलिंग पोर्टल की साइबर सुरक्षा मजबूत की गई है. अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. छात्रों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-102-7637 शुरू की गई है. साथ ही ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है.
विदित हो कि NEET UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित हो चुका है. ऐसे में MBBS, BDS और B.Sc. Nursing की काउंसलिंग जल्द शुरू होगी.
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