खबर

अब मावा और मिठाइयों में मिलावट की ऑन-द-स्पॉट होगी जांच, नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर, ऐसे करें शिकायत | FSSAI New Guidelines FOR Festive Season Food Safety Rules Navratri Diwali Sweets Mawa Checking



FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्योहारों के दौरान मिठाई, मावा, पनीर, घी, खाद्य तेल और कूटू या सिंघाड़े के आटे की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने और विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. दरअसल, त्योहारों के मौसम में मिठाई, नमकीन, स्नैक्स, पेय पदार्थ और दूध से बने उत्पादों की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होती है. इसी का फायदा उठाकर कई मिलावटखोर बाजार में नकली, असुरक्षित और गुणवत्ताहीन खाद्य सामग्री खपाने की कोशिश करते हैं.

इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को तत्काल प्रभाव से विशेष निगरानी अभियान शुरू करने का निर्देश जारी किया है.

इन खाद्य पदार्थों पर रहेगी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की पैनी नजर

FSSAI ने विशेष रूप से उन खाद्य सामग्रियों की सूची तैयार की है, जिनकी मांग त्योहारों के दौरान सबसे अधिक होती है और जिनमें मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा बनी रहती है. इनकी लिस्ट नीचे दी गई है.

  •  दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, खोया, पनीर, मक्खन और शुद्ध घी.
  •  मिठाई और नमकीन: विभिन्न प्रकार की मिठाइयां, नमकीन, स्नैक्स, पापड़ और फ्रायम्स.
  •  व्रत का सामान: नवरात्रि व्रत के दौरान उपयोग होने वाला कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल.
  •  खाद्य तेल और पेय पदार्थ: एडिबल ऑयल यानी खाद्य तेल, रिफाइंड और डिब्बाबंद ड्रिंक्स जैसे पेय पदार्थ.

संवेदनशील इलाकों में मोबाइल वैन होगी तैनात

  • बाजारों में तुरंत सैंपलिंग और ऑन-द-स्पॉट टेस्टिंग के लिए FSSAI ने आधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं. इसके तहत नीचे दिए गए प्रमुख काम किए जाएंगे.
  •  ऑन-द-स्पॉट फूड टेस्टिंग: प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले व्यापारिक केंद्रों और मिलावट के लिहाज से संवेदनशील ‘हॉटस्पॉट’ इलाकों में Food Safety on Wheels नाम से प्रसिद्ध मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात की जाएंगी.
  •  मौके पर जांच व जागरूकता: इन मोबाइल वैनों के जरिए आम उपभोक्ता और व्यापारी अपने खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच मौके पर ही करा सकेंगे. साथ ही उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जाएगा.

रियल टाइम डेटा रिपोर्टिंग और सख्त निरीक्षण निर्देश

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दुकानों, विनिर्माण इकाइयों और थोक मंडियों में औचक निरीक्षण करने तथा खाद्य नमूनों को लैब में भेजने के सख्त आदेश दिए गए हैं. इसके तहत निरीक्षण, सैंपलिंग और लैब जांच के नतीजों का डेटा एफएसएसएआई के आधिकारिक पोर्टल पर रियल टाइम में अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा. इसके अलावा, मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. मिलावट या घटिया भोजन की एफएसएसएआई से ऐसे शिकायत

फ़ूड सेफ़्टी कनेक्ट ऐप से 

  • गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से एफएसएसएआई का आधिकारिक फ़ूड सेफ़्टी कनेक्ट ऐप डाउनलोड करें.
  • ऐप पर नागरिक के रूप में लॉग इन करें और शिकायत सेक्शन में जाएं.
  • प्रोडक्ट का नाम, फोटो, बिल की कॉपी और संबंधित दुकान या कंपनी का ब्यौरा अपलोड करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें.

FSSAI टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर के जरिए

उपभोक्ता एफएसएसएआई के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 11 2100 पर कॉल करके मिलावटी खाद्य पदार्थों की सीधे शिकायत दे सकते हैं.

ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया के जरिए

  • एफएसएसएआई के आधिकारिक पोर्टल foacos.fssai.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं. इसके अलावा एफएसएसएआई के आधिकारिक X व इंस्टाग्राम हैंडल पर टैग करके बिल और उत्पाद की फोटो के साथ पूरी जानकारी शेयर कर के भी अपनी शिकाय़त दर्ज करहा सकते हैं.
  • अगर आपको किसी ब्रांड के मसाले, पैकेज्ड फूड या स्थानीय दुकान के खाद्य पदार्थ में मिलावट, कीड़े या खराब गुणवत्ता का संदेह है, तो आप इन तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. 

यह भी पढ़ें- Nestle के दूध पाउडर की बिक्री पर रोक, जानें FSSAI ने क्यों बताया सेहत के लिए खतरनाक

मिलावटी खाद्य पदार्थों से ऐसे करें बचाव

  • हमेशा पैकेट के पीछे एफएसएसएआई का 14-अंकों का लाइसेंस नंबर और एगमार्क का निशान जरूर देखें.
  • खड़े मसालों को घर पर लाकर खुद पीसना मिलावटी पाउडर मसालों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है.
  • कोई भी पैकेज्ड फ़ूड खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें, ताकि शिकायत दर्ज कराते समय आपके पास मजबूत साक्ष्य रहे.

यह भी पढ़ें-  चिप्स-बिस्किट, सॉफ्ट ड्रिंक में ज्यादा चीनी-नमक और फैट का चुटकियों में पता चलेगा, खरीदने से पहले देख लें कलर कोड





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button