मध्य प्रदेश

ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को झटका, जमानत याचिका खारिज


ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज हो गई है. केस की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट का कहना है कि जिस जगह घटना हुई वहीं गिरिबाला रहती है इसलिए जमानत देना उचित नहीं है.

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इससे पहले मंगलवार को उनकी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी थी. गिरिबाला सिंह और उनका बेटा समर्थ सीबीआई की 5 दिन की रिमांड के बाद 2 जून 2026 से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं.

28 जुलाई तक बढ़ी थी गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत

भोपाल की एक अदालत ने 14 जुलाई को बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी थी. सीबीआई ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट को बताया था कि दोनों ने 6 जुलाई को वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान सहयोग नहीं किया था. 

ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि समर्थ सिंह ने अपना वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया, जबकि गिरिबाला सिंह ने शुरू में एक सैंपल तो दिया, लेकिन बाद में प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से मना कर दिया था. 

12 मई को ससुराल में मृत मिली थी ट्विशा शर्मा

बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी. ससुराल पक्ष ने दावा किया था कि ट्विशा ने खुदकुशी की थी. वहीं मायके वालों का आरोप था कि ट्विशा की हत्या की गई थी. यह मामला तब और गंभीर हो गया था जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार की आपत्तियों के बाद एम्स दिल्ली से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था.

ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई जांच जारी

ट्विशा शर्मा के मायके वालों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल खड़े किए थे. बाद में हाईकोर्ट ने 25 मई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. सीबीआई फोरेंसिक सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है.

दतिया उपचुनाव: 1.685 किलो चांदी और 8.5 ग्राम सोना जब्त, बसई चेक पोस्ट पर कार से मिले आभूषण



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button