

11 से 25 लाख रुपये में भारत में चमचमारी शानदार नई कार आ जाती है. लेकिन अमेरिका के न्यूयॉर्क में 82 हजार से अधिक फुटबॉल फैंस ने इतनी रकम सिर्फ 90 मिनट का मैच देखने के लिए खर्च कर दी. वजह थी स्पेन और अर्जेंटीना के बीच वर्ल्ड कप फाइनल, जो इन फैंस के लिए जिंदगी में सिर्फ एक बार मिलने वाला मौका था. खासकर अर्जेंटीना के फैंस, जो लियोनेल मेसी के आखिरी वर्ल्ड कप मैच के गवाह बनना चाहते थे. भले यह मुकाबला 1-0 से जीतकर स्पेन की टीम दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बन गई, लेकिन अर्जेंटीना के फैंस के लिए यह मौका यादगार बन गया. टिकट, जर्सी और बीयर… स्टेडियम के अंदर हर चीज पर लोग दिल खोलकर पैसा लुटा रहे थे. बाहर 2 अरब लोग टीवी से चिपके हुए थे.
टिकट की बेतहाशा कीमत
39 दिनों और 104 मैचों के बाद, फीफा वर्ल्ड कप फाइनल की ट्रॉफी की जंग न्यूयॉर्क के ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में हुई. 82 हजार से अधिक लोग स्टेडियम के अंदर बैठे हुए थे और लाखों की भीड़ स्टेडियम के बाहर थी, टिकट नहीं मिल पाया था. टिकट की कीमतें हजारों डॉलर होने के बावजूद, फुटबॉल की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच हुए इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए फैंस काफी पैसे खर्च करने को तैयार थे. ये टिकट-होल्डर्स अपनी जिंदगी में एक बार मिलने वाले इस यादगार लम्हे को मिस नहीं करना चाहते थे. खासकर अर्जेंटीना के फैंस जिनमें से अधिकतर ने माराडोना को खेलते तो नहीं देखा था लेकिन लियोनेल मेसी जैसे सदियों में एक बार आने वाले प्लेयर के आखिरी वर्ल्डकप मैच को देखने का मौका नहीं गंवाना चाहते थे.
करीब 27 लाख रुपये में भारत में टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी दमदार SUV या महिंद्रा XEV 9e जैसी प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV खरीदी जा सकती है, लेकिन इतने पैसों में फैंस ने सिर्फ एक वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट खरीद लिया.
स्टेडियम में बने मर्चेंडाइज कियोस्क पर भी जबरदस्त भीड़ थी, जहां टीमों की जर्सी $130 में बिक रही थीं (यानी 1.25 लाख रुपए से भी महंगी. ये फैंस 18 डॉलर (लगभग 1800 रुपए) की बीयर खरीदने के लिए लाइन में खड़े थे, खैर वह मैच के महंगे टिकट के सामने बहुत मामूली रकम लग रही थी.
लगभग 2 अरब लोगों ने देखा फाइनल
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 2 अरब लोगों ने टीवी के जरिए यह फाइनल मुकाबला देखा. अगर फीफा के पिछले फाइनल मुकाबलों से इसकी तुलना करें तो इस बेतहाशा क्रेज का पता चलता है. 2022 में कतर में खेले गए फाइनल को दुनिया भर में 142.2 करोड़ लोगों ने देखा था. इसके बाद 2018 में रूस में हुए फाइनल को 112 करोड़, 2014 में ब्राजील में खेले गए फाइनल को 101.3 करोड़ और 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए फाइनल को 90.96 करोड़ दर्शकों ने देखा था.
यानी मैच खत्म होने के बाद भले स्पेन के खिलाड़ियों के हाथ में वर्ल्ड कप की ट्रॉफी थी, लेकिन हजारों फैंस के हाथ में इतिहास का टुकड़ा- ऐतिहासिक मुकाबले का टिकट. स्टेडियम से लौटे इन 82 हजार फैंस के लिए सबसे बड़ी याद यही थी कि वे फुटबॉल इतिहास के एक ऐसे पल के गवाह बने, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी.





