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गोल्डी बराड़: पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर का लड़का कैसे बना खूंखार अपराधी, लॉरेंस विश्नोई से दोस्ती और फिर दुश्मनी | Who is Goldy Brar Punjab born International Gangster Lawrence Bishnoi Gang FBI Most Wanted Satinderjeet Singh Story Crime Network


नई दिल्ली:

भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को FBI की टॉप-10 मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स सूची में शामिल किए जाने के बाद उसकी आपराधिक यात्रा एक बार फिर चर्चा में है. कभी पंजाब के एक सामान्य परिवार का छात्र रहा गोल्डी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निशाने पर है. लॉरेंस बिश्नोई के सबसे भरोसेमंद सहयोगी के रूप में पहचान बनाने वाले गोल्डी पर हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, ड्रग्स नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं. उसकी कहानी अपराध जगत में तेजी से उभरे एक ऐसे चेहरे की है जिसकी पहुंच कई देशों तक बताई जाती है.

पंजाब के सामान्य परिवार में हुआ जन्म

सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का जन्म पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में हुआ था. उसके पिता पंजाब पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) थे. परिवार की इच्छा थी कि वह पढ़-लिखकर एक सम्मानजनक करियर बनाए, लेकिन कॉलेज के दिनों में उसकी जिंदगी ने अलग दिशा पकड़ ली. शुरुआती जीवन में वह किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ नहीं माना जाता था. परिवार और परिचितों के बीच उसकी पहचान एक सामान्य छात्र के रूप में थी.

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छात्र राजनीति में हुई लॉरेंस बिश्नोई से मुलाकात

चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान गोल्डी का संपर्क पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से हुआ. इसी दौरान उसकी पहचान SOPU (स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी) से जुड़े छात्रों और बाद में लॉरेंस बिश्नोई से हुई. उस समय लॉरेंस बिश्नोई छात्र राजनीति में सक्रिय था और धीरे-धीरे अपने प्रभाव का विस्तार कर रहा था. यह दोस्ती आगे चलकर अपराध जगत की सबसे चर्चित साझेदारियों में बदल गई. जांच एजेंसियों के अनुसार यहीं से गोल्डी के अपराध जगत से संपर्क मजबूत होने लगे.

2017 में कनाडा पहुंचा

परिवार को जब यह महसूस हुआ कि गोल्डी गलत संगत में पड़ रहा है, तब उसे वर्ष 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा भेज दिया गया. कनाडा के ओंटारियो पहुंचने के बाद उसने शुरुआती दौर में ट्रक ड्राइवर, कूरियर डिलीवरी और अन्य छोटे-मोटे काम किए. हालांकि विदेश जाने के बाद भी उसका संपर्क पंजाब और भारत के अपराध जगत से बना रहा. बताया जाता है कि इसी दौरान उसने विदेश में बैठकर नेटवर्क संचालित करने की रणनीति बना ली थी.

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गुरलाल बराड़ की हत्या बनी टर्निंग प्वाइंट

अक्टूबर 2020 में चंडीगढ़ के एक नाइट क्लब के बाहर गोल्डी बराड़ के ममेरे भाई गुरलाल बराड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. गुरलाल को लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता था. इस हत्या का आरोप प्रतिद्वंद्वी बंबीहा गैंग पर लगा था. जांच एजेंसियों के मुताबिक इस घटना ने गोल्डी के अपराधी जीवन को पूरी तरह बदल दिया. इसके बाद उसने कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी गैंगों के खिलाफ बदले की रणनीति अपनाई और विदेश में बैठकर गैंगवार, रंगदारी और टारगेट किलिंग से जुड़े नेटवर्क को विस्तार देना शुरू किया.

लॉरेंस का सबसे भरोसेमंद साथी बना

जब लॉरेंस बिश्नोई भारत की विभिन्न जेलों में बंद था, उस दौरान विदेश आधारित नेटवर्क संभालने की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ पर बताई गई. जांच एजेंसियों के अनुसार लॉरेंस जेल से निर्देश देता था, जबकि गोल्डी कनाडा और बाद में अमेरिका से कथित तौर पर पूरे नेटवर्क का संचालन करता था. यही वजह है कि अपराध जगत में उसे लॉरेंस बिश्नोई का ‘राइट हैंड’ कहा जाने लगा.

कॉरपोरेट मॉडल पर चलाता था नेटवर्क

जांच एजेंसियों का दावा है कि गोल्डी पारंपरिक गैंगस्टरों की तरह सीधे वारदातों में शामिल नहीं होता था. वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, इंटरनेट कॉलिंग, वर्चुअल नंबर और डिजिटल संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर अपने नेटवर्क को संचालित करता था. 

जांच एजेंसियों के अनुसार वह Signal, Telegram, Threema जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म, इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर भारत में अपने गुर्गों से संपर्क करता था.

आरोप है कि वह एक राज्य से शूटर, दूसरे राज्य से हथियार और तीसरे राज्य में वारदात की योजना बनाता था. इस मॉडल ने जांच एजेंसियों के लिए उसके नेटवर्क को तोड़ना और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया.

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Photo Credit: FBI

हवाला, क्रिप्टो और रंगदारी का नेटवर्क

भारतीय एजेंसियों के अनुसार गोल्डी बराड़ का नेटवर्क कथित तौर पर हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धन का लेन-देन करता था. कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों, शराब कारोबारियों और मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों से रंगदारी मांगने के कई मामलों में उसका नाम सामने आया. जांच एजेंसियों का दावा है कि अपराध से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से विदेशों तक पहुंचाया जाता था.

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद दुनियाभर में बनाई पहचान

29 मई 2022 को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने विदेश में बैठकर पूरे ऑपरेशन के समन्वय में भूमिका निभाई. इसी घटना के बाद भारतीय और विदेशी एजेंसियों का ध्यान उसके नेटवर्क पर और अधिक केंद्रित हुआ. इसके अलावा कई अन्य हाई-प्रोफाइल हत्याओं और गैंगवार मामलों में भी उसका नाम सामने आया.

सलमान खान धमकी मामले में भी जुड़ा नाम

गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई का नाम अभिनेता सलमान खान को मिली धमकियों से जुड़े मामलों में भी चर्चा में रहा.जांच एजेंसियों ने ईमेल धमकियों, सोशल मीडिया संदेशों और मुंबई में हुई घटनाओं के विभिन्न पहलुओं की जांच की थी, जिनमें इस सिंडिकेट का नाम सामने आया.

अमेरिका तक पहुंचा नेटवर्क

हालिया अमेरिकी जांच में दावा किया गया कि गोल्डी बराड़ उत्तर अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का प्रमुख चेहरा है. अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका और कनाडा में भी सक्रिय रहा है. इस पर हत्या, उगाही, अपहरण, हमले, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

FBI की मोस्ट वांटेड सूची तक का सफर

1 जुलाई 2026 को कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने गोल्डी बराड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उसके खिलाफ संगठित अपराध, रंगदारी और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिशों के आरोप लगाए गए. अब FBI ने उसे अपनी टॉप-10 मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है. भारत सरकार पहले ही उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर चुकी है. NIA ने भी उस पर इनाम घोषित किया हुआ है. भारतीय एजेंसियों का दावा है कि उसके संबंध खालिस्तानी तत्वों और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से भी जुड़े रहे हैं.

वैश्विक एजेंसियों के निशाने पर

आज गोल्डी बराड़ भारत, अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों की जांच एजेंसियों के रडार पर है. कभी छात्र राजनीति से जुड़ा एक युवक अब अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध की चर्चाओं का प्रमुख नाम बन चुका है. FBI की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होने के बाद उसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर दबाव और बढ़ गया है.

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