

महाराजगंज / कुशीनगर:
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं का असर अब सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन और व्यापार पर भी पड़ने लगा है. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर मालवाहक ट्रकों की करीब 16 किलोमीटर लंबी कतार लग गई है. नेपाल के काठमांडू और अन्य शहरों के लिए सामान लेकर जा रहे वाहन सड़कें क्षतिग्रस्त होने और कई मार्ग बंद होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि कई ट्रक चालक पिछले चार दिनों से सीमा पर फंसे हुए हैं. व्यापारियों का कहना है कि माल की आपूर्ति रुकने से दोनों देशों के कारोबार पर असर पड़ रहा है और नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है.
नेपाल में सड़कें क्षतिग्रस्त, कारोबार पर असर
नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन ने सड़क नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है. काठमांडू समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले मार्ग प्रभावित हैं, जिसके कारण भारत से जाने वाले मालवाहक वाहन सीमा पार नहीं कर पा रहे हैं. महाराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई है. अधिकारियों के अनुसार यह कतार करीब 16 किलोमीटर तक फैल चुकी है और लगातार बढ़ रही है. कतार नौतनवा क्षेत्र तक पहुंच चुकी है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
Maharajganj, Uttar Pradesh: On the impact of Nepal floods on border trade, trader says, “Look, first of all, I express my condolences over the tragedy that has occurred in Nepal. This is a very difficult time. But trade is being affected significantly because the routes in Nepal… pic.twitter.com/4P20ruAVWK
— IANS (@ians_india) August 27, 2026
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
स्थिति को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है. क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सोनौली सीमा पर निगरानी तेज कर दी गई है और सीमा क्षेत्र के थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यदि नेपाल में सड़क संपर्क जल्द बहाल नहीं हुआ तो माल आपूर्ति और यातायात की समस्या और गंभीर हो सकती है.
व्यापार लगभग ठप, बढ़ रहा नुकसान
सीमा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि नेपाल की आपदा ने व्यापारिक गतिविधियों को लगभग रोक दिया है. एक व्यापारी ने कहा, “नेपाल इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है. सबसे पहले मैं मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. लेकिन व्यापार पर इसका बड़ा असर पड़ा है. सोनौली से लेकर कई किलोमीटर आगे तक ट्रकों की लाइन लगी हुई है और यह लगातार बढ़ रही है. सड़कें बंद हैं और माल फंसा हुआ है.” व्यापारियों का कहना है कि यदि लंबे समय तक माल की आवाजाही बंद रही तो नेपाल में वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी और भारतीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
Maharajganj, Uttar Pradesh: On the impact of Nepal floods on border trade, a truck driver says, “We had loaded goods from Alwar for Nepal. It has been four days since we have been stuck in this line, and there is also a possibility of flooding here. We are cooking here and eating… pic.twitter.com/JSBgD34SP6
— IANS (@ians_india) August 27, 2026
चार दिनों से लाइन में फंसे ट्रक चालक
सीमा पर फंसे ट्रक चालकों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है. अलवर से नेपाल के लिए सामान लेकर पहुंचे एक ट्रक चालक ने बताया, “हम नेपाल के लिए माल लेकर आए थे. चार दिन से इसी लाइन में फंसे हुए हैं. यहां भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है. खाना भी यहीं बना रहे हैं और यहीं खा रहे हैं.” चालकों का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि आगे रास्ता कब खुलेगा और वे अपनी मंजिल तक कब पहुंच पाएंगे.
Maharajganj, Uttar Pradesh: On the impact of Nepal floods on border trade, trader says, “Nepal is going through a very difficult situation. First of all, I pray for the peace of the departed souls. As far as trade is concerned, you can see that a line of trucks has formed from… pic.twitter.com/z7qqXyDXQi
— IANS (@ians_india) August 27, 2026
नेपाल में काम करने वाले भारतीय भी लौट रहे
नेपाल की त्रासदी का असर वहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है. महाराजगंज के जगर्नाथपुर गांव निवासी राज कुमार गौतम, जो पिछले एक वर्ष से काठमांडू में फर्नीचर कारीगर के रूप में काम कर रहे थे, बाढ़ के बाद भारत लौट रहे हैं. परिजनों के अनुसार गौतम ने फोन पर बताया कि हालात बेहद भयावह हैं. कई परिवार तबाह हो गए हैं और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं. उनकी बेटी अंकिता ने बताया कि गुरुवार शाम करीब चार बजे उनकी पिता से बात हुई थी और उन्होंने बस से बिहार के रास्ते घर लौटने की जानकारी दी थी.
कुशीनगर में भी बढ़ाई गई सतर्कता
नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है. नरवाजोत से अहीरौली तक 17.5 किलोमीटर लंबे तटबंध पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. राजस्व, पुलिस और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं. अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने बताया कि नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमें भी तैनात हैं.
तेज बहाव में बहकर आए घरेलू सामान
कुशीनगर के छितौनी और वाल्मीकिनगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि नदी के तेज बहाव में गैस सिलेंडर, बिस्तर, रेफ्रिजरेटर और अन्य घरेलू सामान बहते हुए दिखाई दिए. कुछ स्थानीय लोगों ने इन्हें नदी से बाहर निकाल लिया. फिलहाल प्रशासन की नजर नेपाल से आने वाले जलस्तर और नदी के बहाव पर बनी हुई है. वहीं भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि सड़क संपर्क बहाल होने तक दोनों देशों के बीच माल ढुलाई पर संकट बना रहने की आशंका है.
इनपुट : PTI / IANS
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