मध्य प्रदेश

हिमाचल: CM सुक्खू की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक संपन्न, 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में 5877.01 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई. इससे राज्य में 13,355 रोगार के अवसर पैदा होने की संभावना है.

यह बैठक राज्य सरकार की उन लगातार प्रयासों का हिस्सा थी जिनका उद्देश्य आसान मंजूरी प्रक्रियाओं और निवेशकों को सुविधाएं देकर प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना, बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है.

हिमाचल में निवेश करेंगी नॉर्वे की कंपनियां, CM सुक्खू ने राजदूत से मुलाकात कर दिया न्योता

व्यापार में सुगमता को बेहतर बनाने के लिए सरकार है प्रतिबद्ध

बैठक में दी गईं स्वीकृतियां एक प्रगतिशील और समावेशी औद्योगिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं. राज्य सरकार आसान डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम अपनाकर व्यापार में सुगमता को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

बैठक में ये प्रस्ताव रहे शामिल

प्रस्तावों का अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाव हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक आधार में बढ़ती विविधता को दर्शाता है. इसमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक और पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, कास्मेटिक्स, स्टील आदि क्षेत्रों के प्रस्ताव शामिल हैं.

श्रम प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ऐसे श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया जो हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोगार के अवसर पैदा कर सकें. साथ ही, उन्होंने एक ऐसा प्रगतिशील औद्योगिक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता जताई जो आर्थिक विकास और पर्यावरण की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखे. उन्होंने विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति को अधिसूचित करने का निर्देश दिया, ताकि हिमाचल दूसरे पड़ोसी राज्यों के साथ मुकाबला कर सके.

उद्योग मंत्री ने निवेशक-अनुकूल वातावरण पर डाला प्रकाश

बैठक के दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य के निवेशक-अनुकूल वातावरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कई क्षेत्रों, विशेषकर रक्षा और फार्मा में तेजी से एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है. सक्रिय नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और कुशल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के ज़रिए हम निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत है, जो 32 सेे 35 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है.

हिमाचल कांग्रेस में चला अनुशासन का डंडा! पूर्व विधायक नीरज भारती विवाद पर हुई अहम बैठक



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button