
हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी का दौर जारी है. मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि कांगड़ा जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई.
सबसे अधिक करीब 70 मिमी बारिश कांगड़ा में दर्ज की गई, जबकि धर्मशाला में लगभग 60 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई. शिमला, सिरमौर, मंडी और किन्नौर में भी मध्यम बारिश हुई है. वहीं किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई.
मैदानी क्षेत्रों और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना
मौसम वैज्ञानिक संदीप ने बताया कि 28 सितंबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर सहित मैदानी क्षेत्रों के अलावा मध्यवर्ती और ऊंचाई वाले जिलों में भी वर्षा हो सकती है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है.
उन्होंने बताया कि 29 सितंबर से मौसम में सुधार आने की उम्मीद है. इस दौरान कांगड़ा और मंडी के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 30 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक प्रदेश में मुख्य रूप से साफ मौसम रहने का अनुमान है.
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48 घंटों से जारी बारिश के कारण 2 से 4 डिग्री तापमान कम दर्ज
पिछले 48 घंटों से जारी बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. कल्पा में अधिकतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 12 डिग्री कम है. वहीं नाहन में तापमान करीब 21 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5 डिग्री कम रहा. मौसम साफ होने के बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने कहा है कि प्रदेश में मानसून की विदाई को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 30 सितंबर के बाद मौसम की स्थिति अनुकूल होने पर मानसून वापसी को लेकर अपडेट जारी किया जाएगा. विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 28 सितंबर तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जिसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है. लाहौल-स्पीति में 65 प्रतिशत और हमीरपुर में 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि किन्नौर में 18 प्रतिशत तथा शिमला में 13 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है.
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