
हिमाचल प्रदेश में मानसून अब रफ्तार पकड़ता जा रहा है. मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है. विभाग ने लोगों से नदी-नालों, भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.
मंडी जिले के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में पिछले कुछ समय से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. बारिश की वजह से मौसम काफी सुहावना हो गया है और मैदानी क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. सुबह और शाम होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस से भी राहत महसूस हो रही है.
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ब्यास नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार हो रही बारिश के चलते जिले के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है. मंडी से होकर बहने वाली प्रमुख ब्यास नदी भी किनारों को छूती हुई नजर आ रही है. रिमझिम बारिश के बीच ब्यास नदी का आकर्षक दृश्य लोगों को अपनी ओर खींच रहा है.
ठंडी हवाओं और नदी किनारे छाई धुंध ने पूरे इलाके की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं. स्थानीय पर्यटकों का कहना है कि वे बरसात के मौसम का भरपूर आनंद ले रहे हैं और ब्यास नदी का शानदार नजारा देखने को मिल रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों और बागवानों के लिए भी यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है. समय पर हो रही बारिश से खेती और बागवानी को फायदा मिलने की उम्मीद है. लोगों का मानना है कि यदि बारिश सामान्य बनी रहती है तो फसलों और बागों के लिए यह काफी लाभदायक साबित होगी.
इन जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 7 जुलाई को हमीरपुर को भी ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल किया गया है.
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इसके अलावा 6 जुलाई को ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा. वहीं 7 जुलाई को बिलासपुर, ऊना, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करें.