खबर

सार्थक सिद्धांत को नहीं मिला IIT कानपुर से जॉब ऑफर, NDTV को बताया सच | CBSE student Sarthak Sidhant did not receive job offer from IIT Kanpur revealed truth to NDTV Exclusive



Sarthak Siddhant IIT Job Offer: CBSE के पोर्टल पर तमाम गड़बड़ियों और स्कैन करने वाली कंपनी को लेकर कई खुलासे करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत को IIT कानपुर से कोई भी जॉब ऑफर नहीं आया है. एनडीटीवी से खास बातचीत में सिद्धांत ने ये साफ किया है. उन्होंने कहा कि ये तमाम खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं और मुझे ऐसा कोई भी ऑफर आईआईटी की तरफ से नहीं मिला है. सार्थक ने बताया कि ये ऑफर उन्हें नहीं, बल्कि एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को दिया गया है, कुछ लोगों ने इसे गलत समझकर उनका नाम छापना शुरू कर दिया. 

‘IIT से ऑफर आएगा तो तुरंत ले लूंगा’

सार्थक सिद्धांत ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि उन्हें भले ही आईआईटी कानपुर से कोई ऑफर नहीं आया है, लेकिन अगर कोई ऐसा ऑफर आता है तो मैं तुरंत हां बोल दूंगा. उन्होंने बताया कि आईआईटी में पढ़ना हर छात्र का सपना होता है. सिद्धांत ने JEE Main दिया था और अब इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं. सिद्धांत ने बताया कि कुछ कॉलेज में एडमिशन की बात लगभग पक्की हो चुकी है, अब मुझे चुनना है कि कहां एडमिशन लेना है. वो कंप्यूटर साइंस में बी.टेक करना चाहते हैं. 

सार्थक ने छात्रों को दिए टिप्स

जब हमने सार्थक से पूछा कि सीबीएसई के मामले में उनके खुलासे के बाद से उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आया है तो उन्होंने बताया, “ज्यादा कुछ नहीं, लेकिन कुछ तो बदलाव हुआ है. दोस्त फूलों की माला लेकर आते हैं और परिवार के लोग प्राउड फील कर रहे हैं.” सार्थक ने अपने जूनियर छात्रों को टिप्स देते हुए कहा कि लगातार सवाल पूछते रहें और चीजों को लेकर हमेशा क्यूरियस रहें.  

सार्थक से जब पूछा गया कि क्या सीबीएसई मामले के बाद उन्हें किसी तरह की धमकियां भी मिली हैं? इस पर उन्होंने कहा, तारीफ के बीच कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो नेगेटिव बातें करते हैं. धमकी तो नहीं कहूंगा, लेकिन कुछ लोगों ने ऐसी बातें जरूर की हैं. हालांकि मैं उन्हें स्पैम मैसेज की तरह मानता हूं. 

कौन हैं सार्थक सिद्धांत?

सार्थक सिद्धांत झारखंड के रहने वाले 17 साल के एक छात्र हैं, जिन्होंने इस साल सीबीएसई 12वीं की परीक्षा दी थी. रिजल्ट के बाद जब सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) पर सवाल उठने लगे तो सिद्धांत ने इस पर रिसर्च करना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने OSM और स्कैनिंग का काम संभाल रही कंपनी COEMPT Eduteck Pvt Ltd को लेकर कई खुलासे किए. सार्थक ने बताया कि कैसे टेंडर नियमों में गड़बड़ी हुई और काम इस कंपनी को सौंपा गया. इस मामले को उजागर करने के बाद राहुल गांधी ने भी उनसे मुलाकात की और संसदीय समिति ने भी उन्हें बुलाया. 

ये भी पढ़ें – री-इवैल्यूएशन के बाद कहां जारी होगा CBSE 12वीं का रिजल्ट? ऐसे करें चेक




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button