

स्पेन और मोरक्को के बॉर्डर पर ऐसा हंगामा मचा कि पूरा इलाका जंग जैसे हालात में बदल गया. हजारों लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में अवैध रूप से स्पेन के छोटे से शहर स्यूटा में घुसने लगे. कई लोग समुद्र तैरकर पहुंचे, तो कई सीमा की बाड़ पार कर गए. नजारा मानो किसी फिल्म का लग रहा था. आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था कि सामने आए वीडियो में क्या देखने को मिल रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस अफरातफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है. हालात इतने बिगड़ गए कि स्पेन सरकार को सेना भेजने का फैसला करना पड़ा. सड़कों पर भीड़, समुद्र में तैरती लाशें और सीमा पर टूटती व्यवस्था ने पूरे यूरोप को चिंता में डाल दिया है.
स्पेन में क्या हुआ?
स्पेन सरकार ने कहा कि वह सिविल गार्ड की मदद के लिए सेना भेज रही है, ताकि स्यूटा शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके. सरकार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे-मार्लास्का के साथ स्यूटा जाएंगे. स्यूटा सीमा पर तैनात सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद स्बीही ने न्यूज एजेंसी AP से कहा, “हालात पूरी तरह अराजक हैं. सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हजारों लोग सीमा पार कर रहे हैं. सीमा व्यवस्था पूरी तरह टूट चुकी है.”
उत्तरी मोरक्को के मानवाधिकार संगठन के सदस्य अशरफ मैमूनी ने इस स्थिति को असाधारण बताया. उन्होंने कहा कि आज सुबह तराजाल सीमा असामान्य परिस्थितियों में खोली गई और लोग अंदर आने लगे. वीडियो में बड़ी संख्या में लोग, जिनमें ज्यादातर मोरक्को के नागरिक थे, तराजाल समुद्र तट के रास्ते स्थानीय सड़कों पर आते दिखाई दिए. इनमें ज्यादातर युवा पुरुष थे, लेकिन महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी शामिल थे.
NEW: Spain is now deploying its military after thousands of military-aged men stormed over the border into Ceuta, Spain.
Ceuta authorities are calling on Madrid to declare a national emergency after the border “totally collapsed.”
“The situation is absolute chaos. It’s not… pic.twitter.com/Mpe5Lc1xlK
— Collin Rugg (@CollinRugg) July 30, 2026
AP के लिए काम कर रहे एक फोटोग्राफर के मुताबिक, कुछ लोग वीवा एस्पान्या यानी ‘स्पेन जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अचानक स्यूटा क्यों पहुंचे.
इटली तक असर
इस संकट का असर इटली पर भी पड़ा है, जो प्रवासियों की एक बड़ी मंजिल माना जाता है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पेन के साथ खुले सीमा समझौते शेंगेन को निलंबित कर सकती हैं, हालांकि इटली की स्पेन से सीधी सीमा नहीं लगती.
लेकिन मोरक्को के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को शक है कि इस फैसले की वजह से इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं. उनका कहना है कि ज्यादातर लोगों को ऐसे कानूनी फैसलों की जानकारी ही नहीं होती. बेहतर आर्थिक अवसरों और अपने देशों में हिंसा से बचने के लिए यूरोप जाने वाले लोगों के लिए स्पेन एक बड़ा प्रवेश द्वार है. अफ्रीका के उत्तरी तट पर बसे स्यूटा तक पहुंचने के लिए लोग अक्सर मोरक्को के फनिदेक शहर से करीब पांच किलोमीटर तैरकर स्पेन पहुंचते हैं. कुछ लोग बेल्यूनेश शहर से भी आने की कोशिश करते हैं, जहां दूरी कम है.
यह मंजर मई 2021 के उस बड़े सीमा संकट की याद दिलाता है, जब सिर्फ दो दिनों में आठ हजार से ज्यादा लोग स्यूटा पहुंच गए थे.





