
नई दिल्ली:
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने दस्तक दे दी है. लेकिन दिल्ली-एनसीआर में सर्दी अकेली नहीं आती है. सर्दी अपने साथ एक समस्या भी लेकर आती है और वह है प्रदूषण की समस्या. वही समस्या जिससे सालों से दिल्ली-एनसीआर वाले जूझ रहे हैं.
सर्दियों के साथ ही बढ़ने वाली प्रदूषण की इस समस्या पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है. सरकार ने महीनों पहले से ही कई उपायों का ऐलान कर दिया है, ताकि सर्दियों के मौसम में हवा को जहरीली होने से बचाया जा सके.
क्या-क्या करने जा रही है सरकार?
सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनमें डबल पार्किंग चार्ज भी शामिल है, ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा घर से ही काम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.
इसके अलावा सरकार ने सभी तरह की कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटी पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है. क्योंकि कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन से धूल उड़ती है, जो प्रदूषण बढ़ाती है. इसके साथ ही सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया जाएगा.
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कब से लागू होंगे नए नियम?
पार्किंग के नए रेट 1 नवंबर से लागू होंगे. इसके साथ ही 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 के बीच दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया जाएगा. दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाले सभी दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे.
1 नवंबर से सभी सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों को अपनी क्षमता का 50% वर्क फ्रॉम होम करवाना होगा. वर्क फ्रॉम होम का यह नियम 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगा.
और क्या-क्या पाबंदियां रहेंगी?
सरकार ने कहा है कि इस दौरान कुछ हफ्तों तक ऐसी कोई भी कंस्ट्रक्शन या डिमोलिशन एक्टिविटी नहीं की जा सकेगी जिनसे धूल उड़ती हो.
पिछले कुछ सालों में दिल्ली ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कई फैसले लिए हैं. इनमें ‘ऑड-ईवन’ पॉलिसी भी शामिल थी, जिसके तहत प्रदूषण और उत्सर्जन को कम करने के लिए ऑड और ईवन नंबर वाली गाड़ियों को बारी-बारी से सड़कों पर चलने की इजाजत दी गई थी.
हालांकि, दिल्ली में होने वाले प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा गाड़ियों से निकलने वाले धुएं के अलावा धूल, उद्योगों और अन्य स्रोतों से आता है.
सर्दियों के महीनों में दिल्ली में वायु प्रदूषण की एक वजह पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में खेतों में पराली जलाना भी है.
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