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शिक्षा से खिलवाड़! ओडिशा सीएम ने चार सीनियर अधिकारियों को किया सस्पेंड, स्कूली किताबों में की थी भारी गड़बड़ी | odisha textbook controversy cm mohan majhi suspend officials scert school book errors nep 2020



ओडिशा में स्कूल की किताबों में भारी गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है. बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ करने वाले इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. किताबों में इतनी बड़ी गलतियां सामने आने से न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों में भी नाराजगी बढ़ गई है.

किताबों में मिलीं गंभीर गलतियां

मामला कक्षा 1 से 8 तक के लिए नई प्रकाशित स्कूल की किताबों से जुड़ा है. इन किताबों में 1600 से ज्यादा जगहों पर तथ्यात्मक गलतियां पाई गईं. इससे साफ हो गया कि किताबों की जांच और तैयारी में भारी लापरवाही बरती गई.

मुख्यमंत्री का सख्त एक्शन

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन और SCERT के पूर्व डायरेक्टर सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया. यह कार्रवाई एक उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है.

निलंबित अधिकारियों में मनोज पाधी के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडू शामिल हैं. इसके अलावा छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

हैरान करने वाली गलतियों ने बढ़ाई चिंता

किताबों में ऐसी-ऐसी गलतियां सामने आईं, जिन्होंने सभी को चौंका दिया. जैसे वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन को पायलट बताया गया, हम्पी मंदिर की तस्वीर को कोणार्क सूर्य मंदिर बताया गया और दूसरे राज्यों की तस्वीरों को ओडिशा का बताकर छापा गया. इन गलतियों से शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

नई शिक्षा नीति के तहत तैयार हुई थीं किताबें

ये किताबें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत करिकुलम में बदलाव के हिस्से के रूप में तैयार की गई थीं. लेकिन कंटेंट जांच, फैक्ट-चेकिंग और क्वालिटी कंट्रोल में बड़ी खामियां पाई गईं, जिसका नतीजा इतनी बड़ी गलती के रूप में सामने आया.

सुधार के लिए बनाए गए नए प्लान

जांच समिति ने भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए 14 बिंदुओं वाला एक्शन प्लान भी सुझाया है. इसके तहत SCERT में क्वालिटी एश्योरेंस सेल बनाया जाएगा और हर किताब को प्रिंट से पहले कई स्तर पर जांचा जाएगा.

छात्रों को दी जाएगी सही जानकारी

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब एक मास्टर एरर सुधार सूची तैयार की जाएगी और छात्रों तक सही जानकारी पहुंचाई जाएगी. इसके अलावा सुधार किए गए PDF संस्करण को आधिकारिक शिक्षण सामग्री के रूप में उपयोग किया जाएगा. अब हर गलती के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी. संबंधित अधिकारियों, प्रिंटर और एजेंसियों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए.





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