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विवादों का पूरा-पूरा समाधान.. जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने दिया बड़ा संकेत | xi jinping india visit brics Summit 2026 china positive signals on india relations PM Narendra Modi Xi Jinping Meeting India China Talks


नई दिल्ली:

भारत और चीन के संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है. इस बैठक से पहले भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने ऐसा बयान दिया है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि चीन और भारत बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और आपसी मतभेदों का उचित समाधान निकालने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे.

मतभेद सुलझाने का दिया संकेत, तीन साल से जारी है संवाद

चीनी राजदूत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि चीन और भारत राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक की तैयारियां कर रहे हैं. रूस के कजान और चीन के तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष होगा, जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे. 

चीनी राजदूत की पोस्ट

चीनी राजदूत की पोस्ट

चीनी राजदूत के अनुसार ‘चीन, दोनों नेताओं द्वारा दिए गए रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा. दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा, संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा, सहयोग को मजबूत किया जाएगा और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाया जाएगा. साथ ही, दोनों देश अच्छे पड़ोसियों की तरह मित्रता निभाते हुए और एक-दूसरे की सफलता में साझेदार बनकर आगे बढ़ेंगे.’

पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है. 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और 2025 में चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी.

ब्रिक्स को लेकर भी दिया समर्थन

शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को भी समर्थन दिया है. शू फेइहोंग ने एक अन्य पोस्ट में कहा था कि चीन ब्रिक्स सहयोग को बहुत महत्व देता है और इस वर्ष सफल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन में भारत का समर्थन करता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और दुनिया की कई प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हैं.

नजरें मोदी-शी जिनपिंग की बैठक पर

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी-शी बैठक को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सीमा विवाद, व्यापार, निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है. चीनी राजदूत के ताजा बयान ने यह संकेत जरूर दिया है कि दोनों देश मतभेदों को टकराव के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं. ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

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