
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिलें ग्लेशियर पिघलने से भारी तबाही मची है, लाहौल-स्पीति में लगातार बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से जाहलमा नाले में एक बार फिर बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. बाढ़ के चलते नाले पर बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक मार्ग भी बह गया, जिससे दोनों ओर दर्जनों वाहन, पर्यटक, सरकारी कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग फंस गए हैं. पहाड़ों में ग्लेशियर पिघलने से नालों में बाढ़ आ रही है.
गौरतलब है कि गत माह आई बाढ़ में जाहलमा नाले पर स्थित मुख्य पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) ने लोगों की आवाजाही के लिए अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार किया था. हालांकि, रविवार को नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से यह मार्ग भी पूरी तरह बह गया.
कर्मचारियों ने की अवकाश की मांग
स्थिति इतनी गंभीर है कि वर्तमान में नाले को पैदल पार करना भी बेहद जोखिमपूर्ण और लगभग असंभव हो गया है. इससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आपदा के कारण अपने कार्यस्थलों तक पहुंचने में असमर्थ सरकारी कर्मचारियों को हालात सामान्य होने तक विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) प्रदान किया जाए.
केलांग जाने वाला मार्ग का टूटा संपर्क
स्थानीय लोगों ने बताया है कि ग्लेशियर पिघलने की वजह आई बाढ़ और मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग जाने वाला मार्ग बंद हो गया है. इसके साथ ही जिले के दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाला जॉबरंग पुल भी पानी में डूब गया है. आपको बता दें कि गत माह आई बाढ़ में जाहलमा नाले पर स्थित मुख्य पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) ने लोगों की आवाजाही के लिए अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार किया था.
अधिकारियों ने बताया है कि जिस्पा में अचानक आई बाढ़ की वजह से मनाली-लेह राजमार्ग बंद कर दिया गया है, जबकि झालमा नाले में आई बाढ़ के चलते कई गांवों तक पहुंचना संभव नहीं रह गया है.
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