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लखनऊ से चंदौली 6 घंटे और गोरखपुर से लगेंगे 4 घंटे, नए हाइवे से बिहार जाना होगा सुपरफास्ट, दिल्ली से भी सफर आसान | Ghazipur-Zamania-Saiyadraja Greenfield Highway New High-Speed Corridor to Boost UP-Bihar Connectivity



उत्तर प्रदेश में कई हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. यूपी सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है. इस बीच पूर्वी यूपी वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अब पूर्वी यूपी और बिहार की कनेक्टिविटी और आसान होने जा रही है. इसके लिए NHAI एक नया हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बना रहा है. हम बात कर रहे हैं ‘गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट’ की. यह हाइवे बनने के बाद गाजीपुर से चंदौली जाने के लिए वाहनों को बनारस नहीं आना होगा, वह इसी रास्ते चंदौली होते हुए बिहार, लखनऊ व दिल्ली की तरफ जा सकेंगे. नए फोरलेन कॉरिडोर के बनने के बाद गाजीपुर, चंदौली, बिहार, मऊ, बलिया और गोरखपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा.

करीब 3100 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, वाराणसी-गोरखपुर हाइवे और भविष्य के वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा. पहले करीब 42 किलोमीटर की परियोजना प्रस्तावित की गई थी, लेकिन अब कुल लंबाई करीब 81 किलोमीटर होगी.

बनारस के जाम से मिलेगी राहत

अभी गाजीपुर, मऊ और गोरखपुर की ओर से बिहार या चंदौली जाने वाले वाहनों को या तो पुराने जमानिया मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है या फिर वाराणसी शहर और रिंग रोड का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. इससे 2 से 3 घंटे तक अतिरिक्त समय लग जाता है. नया फोरलेन गाजीपुर के महराजगंज से शुरू होकर जमानिया होते हुए सीधे चंदौली के सैयदराजा में एनएच-19 से जुड़ जाएगा. इससे बिहार जाने वाले वाहनों को वाराणसी के ट्रैफिक में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

सफर का समय काफी घटेगा

इस प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद गाजीपुर से चंदौली का सफर करीब 40 से 45 मिनट रह जाएगा. फिलहाल इसमें ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं. वहीं  लखनऊ से चंदौली और बिहार बॉर्डर तक की यात्रा करीब 6 घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि गोरखपुर से चंदौली या कैमूर तक पहुंचने में सिर्फ 4 घंटे के आसपास समय लगेगा. दिल्ली-एनसीआर से बिहार जाने वाले यात्रियों को भी करीब दो घंटे तक की बचत हो सकती है.

गंगा पर बनेगा नया मेगा ब्रिज

प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा जिगना घाट पर गंगा नदी के ऊपर बनने वाला नया पुल है. यह पुल गाजीपुर और चंदौली के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा.

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलेगा सीधा फायदा

NHAI के अनुसार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंतिम छोर हैदरिया से गाजीपुर तक के हिस्से को भी एक्सेस कंट्रोल बनाया जाएगा. इसके बाद गाजीपुर से जमानिया और सैयदराजा तक नया ग्रीनफील्ड फोरलेन तैयार होगा. इससे लखनऊ से आने वाला ट्रैफिक बिना बाधा सीधे बिहार की ओर जा सकेगा. भविष्य में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे से भी इसका जुड़ाव होगा.

80 गांवों से होकर गुजरेगा नया हाइवे

यह परियोजना गाजीपुर और चंदौली के लगभग 80 गांवों से होकर गुजरेगी. इसके लिए करीब 261 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. प्रभावित किसानों को सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है. महराजगंज, सेमराचक, करंडा, जमुआव, जिगना, सिसौड़ा कला, बरडीहा और इमिलिया जैसे गांव इस परियोजना से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे.

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