
Ayodhya Ram Mandir Donation Chori: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. अब उसके अपने ही परिवार से संपत्तियों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अनुकल्प के चाचा बृजेंद्र मिश्रा की पहली पत्नी नेहा मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि जब से अनुकल्प ने अयोध्या राम मंदिर में काम करना शुरू किया, तब से उसके और उसके परिवार की संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है.
कमजोर थी आर्थिक स्थिति, अचानक आ गईं लग्जरी गाड़ियां और फ्लैट
NDTV से बातचीत में नेहा मिश्रा ने बताया कि जब उनकी शादी अनुकल्प के चाचा बृजेंद्र मिश्रा से हुई थी, तब परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी. वे इस स्थिति में बिल्कुल नहीं थे कि लग्जरी कारें या महंगे प्लॉट खरीद सकें, न ही आलीशान घर बनवाने की उनकी हैसियत थी. लेकिन राम मंदिर में अनुकल्प के काम शुरू करने के बाद से परिवार के दिन अचानक बदल गए और उन्होंने धड़ाधड़ संपत्तियां बनानी शुरू कर दीं.
नेहा के मुताबिक, अनुकल्प के पिता ने उसके सहयोग से कई जगहों पर प्लॉट और कीमती गाड़ियां खरीदीं. इसके अलावा अयोध्या के कौशलपुरी में एक शानदार मकान बनाया गया और ग्रेटर नोएडा में भी एक फ्लैट खरीदा गया.
₹14 हजार कमाने वाले चाचा ने ग्रेटर नोएडा में कैसे खरीदा फ्लैट?
नेहा मिश्रा ने परिवार की आमदनी और खर्चों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “जो परिवार पहले शादी-ब्याह में भी सामान्य व्यवस्थाएं नहीं कर पाता था, उसने कुछ महीने पहले ही अपने गांव बसावा में बेहद भव्य भागवत कथा का आयोजन कराया. मेरे पति बृजेंद्र मिश्रा ने अनुकल्प की मदद से ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट खरीदा है.
ये भी पढ़ें-‘रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो, अयोध्या पर लांछन ठीक नहीं’… सीएम योगी ने अखिलेश पर बोला करारा हमला

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस के मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा पर उसकी चाची नेहा मिश्रा ने किए चौंकाने वाले खुलासे
Photo Credit: NDTV
गांव में कराई थी भव्य भागवत कथा, ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी भी हुए थे शामिल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने 30 अप्रैल 2026 को अपने पैतृक गांव बसावा में एक सात दिवसीय भव्य भागवत कथा का आयोजन कराया था. इस आयोजन की भव्यता और हुए खर्च को देखकर हर कोई हैरान था. खबरों के मुताबिक, इस कथा के लिए देश के एक नामी कथावाचक को बुलाया गया था.
अनुकल्प के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मौजूद तस्वीरों से साफ है कि इस कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारी और स्थानीय दिग्गज नेता शामिल हुए थे. तस्वीरों में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी अनुकल्प मिश्रा के साथ नजर आ रहे हैं. इसके अलावा शहर के मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि और कई अन्य वीआईपी भी इस आयोजन का हिस्सा बने थे.
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, बैंक कर्मियों पर भी शिकंजा
वर्तमान में अनुकल्प के पिता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं. अनुकल्प के पास इस समय दो आलीशान मकान हैं. एक पैतृक गांव बसावा में और दूसरा अयोध्या के पॉश इलाके कौशलपुरी में. दूसरी ओर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस बेहद सख्त नजर आ रही है. पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है और इस घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है. पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कुछ नए और चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, जिनमें कुछ बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं. पुलिस जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां कर सकती है. इस पूरे खेल में अनुकल्प मिश्रा को ही मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है.
नेहा मिश्रा के आरोपों पर NDTV की पड़ताल
उधर, अनुकल्प मिश्रा की चाची नेहा मिश्रा ने एक सैलरी स्लिप दिखाकर दावा किया कि बृजेंद्र मिश्रा ने कोर्ट में बताया कि वो ग्रेटर नोएडा की एक फैक्ट्री में 14000 रूपये महीने में काम करते हैं और वो नोएडा सेक्टर 7 में रहते हैं. राम मंदिर में काम करने के दौरान अचानक से कैसे उनकी परिवार की संपत्तियों में इजाफा हो गया, ग्रेटर नोएडा में फ्लैट ले लिया ?
सैलरी स्लिप में मौजूद फैक्ट्री वाले पते और लोकल रेसिडेंस वाले पते पर NDTV की टीम ने पड़ताल की. दोनों ही पते पर बृजेंद्र मिश्रा नाम के व्यक्ति या अयोध्या के किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.

इस इंडस्ट्री में काम करने वाले मोनू का कहना है कि बृजेंद्र मिश्रा नाम का व्यक्ति उनके यहां काम नहीं करता. NDTV
ऐसे में ये सवाल खड़ा होता है कि क्या पारिवारिक कलह को सुलझाने के लिए बृजेंद्र मिश्रा ने फर्जी सैलरी स्लिप का सहारा लिया और नेहा मिश्रा की तरफ से अनुकल्प मिश्रा और बृजेंद्र मिश्रा पर लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. या फिर चाची नेहा मिश्रा द्वारा अनुकल्प मिश्रा और बृजेंद्र मिश्रा पर जो संपत्तियों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी बुनियाद ही किसी गलत या गुमराह करने वाली जानकारी पर टिकी है?
इस इंडस्ट्री में काम करने वाले मोनू का कहना है कि बृजेंद्र मिश्रा नाम का व्यक्ति नहीं काम करता. मोनू ने बताया कि फरूर्खाबाद का बाद रहने वाला है और बीते 3 साल से यहीं SS INDUSTRIES में काम करता है. अयोध्या का कोई आदमी काम करने नहीं आया. लोकल रेजिडेंस वाले E-71 नोएडा सेक्टर पत पर अनिल वॉटर नाम से पानी का काम होता है और ये पता इंडस्ट्रियल एरिया का है. इस पते पर कोई व्यक्ति नहीं रहता है, व्यवसायिक काम होता है.
ये भी पढ़ें- चंपत राय और अनिल मिश्रा ने राम मंदिर ट्रस्ट से दिया इस्तीफा, चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT एक्शन के बाद पद छोड़ा





