

नई दिल्ली:
फिल्ममेकर एसएस राजामौली की ‘बाहुबली’ फ्रैंचाइजी ने न सिर्फ भारतीय सिनेमा को बदल दिया, बल्कि यह दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रैंचाइजी बन गई. हालांकि, फिल्म के रिलीज का दिन कास्ट, प्रोड्यूसर्स और खुद राजामौली के लिए सबसे तनावपूर्ण अनुभवों में से एक था. नेटफ़्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘बाहुबली: द टॉर्चबियरर’ में फिल्ममेकर ने याद किया कि कैसे शुरू में फिल्म को “भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फ्लॉप” कहा गया था. इससे टीम को लगा कि उनका करियर खत्म हो गया.
करोड़ों का हुआ था नुकसान
एसएस राजामौली ने बाहुबली की रिलीज के दिन को याद किया. उन्होंने बताया कि यह बेहद डरावना अनुभव था. एसएस राजामौली और प्रोड्यूसर शोबू यारलागड्डा, जिन्होंने ‘अर्का मीडिया वर्क्स’ के तहत फिल्म को सपोर्ट किया था. उन्होंने बताया कि प्रोडक्शन की शुरुआत में कोई तय बजट नहीं था. वे लगातार अगले दिन की शूटिंग के लिए फंड का इंतजाम करने में लगे रहते थे. उन्होंने कहा, “कुछ दिनों के बाद रोज का खर्च 25 लाख या उससे भी ज्यादा हो गया. अकेले हमारे चार दिन के युद्ध वाले सीन के खर्च से 12 साल पहले एक छोटी फिल्म बन सकती थी. हम हर चार दिन में लगभग 1 करोड़ खर्च कर रहे थे.” राजामौली ने बताया कि फिल्म के भारी बजट की वजह से इसकी सफलता सिर्फ तेलुगु राज्यों पर निर्भर नहीं हो सकती थी. उन्होंने कहा, हम अपना बजट वसूलने के लिए सिर्फ तेलुगु राज्यों पर निर्भर नहीं रह सकते थे.
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उस दौरान वे करण जौहर से मिले. जब राणा दग्गुबाती ने करण को फिल्म के बारे में बताया और उन्हें फिल्म की कुछ तस्वीरें (स्टिल्स) दिखाईं, तो वे तुरंत इसे हिंदी मार्केट में डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए तैयार हो गए.’यह एक जंग की तरह था.’ शोबू ने याद करते हुए कहा, “पार्ट वन की रिलीज के दिन भी हमारे ऊपर 70 करोड़ का कर्ज था. हमने जो खर्च किया था और जो कमाई हुई थी, उसके बाद भी हम 70 करोड़ के घाटे में थे.”
राजामौली ने कहा, “फिल्म को हिंदी के साथ-साथ अमेरिका, खाड़ी देशों और दूसरे इंटरनेशनल मार्केट में भी बहुत अच्छे रिव्यू मिले, लेकिन हमारी ज्यादातर कमाई आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से होने की उम्मीद थी. वहां रिव्यू बहुत खराब थे. एक तस्वीर वायरल हो रही थी जिसमें शिवजी के हाथ में शिवलिंग की जगह ‘झंडू बाम’ दिखाया गया था. हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या गलत हो गया. मैं बिल्कुल खाली महसूस कर रहा था.” उस दिन को याद करते हुए प्रभास भावुक हो गए और बोले, “यह एक जंग की तरह था. मुझे नहीं पता कि प्रोड्यूसर्स उस दिन कैसे बच पाए.”
एसोसिएट प्रोड्यूसर और शोबू के बेटे कार्तिकेय विजय यारलागड्डा ने भी रिलीज के समय मची अफरातफरी को याद किया. उन्होंने कहा, “लोगों ने ट्विटर पर हमारी बुराई करना शुरू कर दिया था. हम टूटने की कगार पर थे. मैं रो रहा था और जब मैं शो के लिए तैयार होने ऊपर जा रहा था, तो मैंने पापा को कॉरिडोर में चलते हुए देखा. मैं उनके पास गया, उन्हें गले लगाया और फूट-फूटकर रोने लगा.” राजामौली ने अपने एक डिस्ट्रीब्यूटर के साथ हुई बातचीत को भी याद किया, जिसने उन्हें फिल्म पर इंडस्ट्री के रिएक्शन के बारे में बताया था.
राजामौली ने कहा, “वे इसे इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म कह रहे थे. उन्हें ऐसे ही मैसेज मिल रहे थे. हमारे लिए तो यह हमारे करियर का अंत जैसा था,” अच्छी बात यह रही कि उसी शाम हालात तेजी से बदले. लोगों के बीच फिल्म की तारीफ होने लगी और अगले हफ्ते में फिल्म ने तेलुगु राज्यों में बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, साथ ही हिंदी मार्केट में भी इसका शानदार प्रदर्शन जारी रहा.
बाहुबली फ़्रैंचाइजी के बारे में
बाहुबली फ़्रैंचाइजी की शुरुआत 2015 में ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ के साथ हुई थी. इस एपिक फैंटेसी फिल्म में प्रभास ने राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर के साथ दोहरी भूमिका निभाई थी. फिल्म को इसके विज़ुअल इफेक्ट्स, कास्ट की एक्टिंग और राजामौली के निर्देशन के लिए काफी तारीफें मिली.यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बन गई. इसका सीक्वल, ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ और भी बड़ी हिट साबित हुई और दुनिया भर में लगभग 1,788 करोड़ की कमाई करके अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में से एक बनी हुई है.





