
बारिश का मौसम जहां प्रकृति को नया जीवन देता है, वहीं खरगोन जिला इस अवसर को पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन में बदलता दिखाई दे रहा है. बीते एक महीने में जिले में करीब 16 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं. गांवों से लेकर सरकारी परिसरों तक हरियाली बढ़ाने की मुहिम तेज़ी से आगे बढ़ रही है. अब 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के मौके पर प्रशासन और वन विभाग बड़े स्तर पर पौधरोपण की तैयारी में जुटे हैं. जिले का लक्ष्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और हराभरा वातावरण तैयार करना है.
एक महीने में 16 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा
खरगोन जिले में मानसून शुरू होते ही वृक्षारोपण अभियान को गति मिली. वन विभाग, विभिन्न शासकीय विभागों और ग्राम पंचायतों के सहयोग से अब तक करीब 16 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं. जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है. प्रशासन लगातार पौधरोपण अभियान की निगरानी भी कर रहा है.
हरियाली अमावस्या पर होगा विशेष अभियान
कलेक्टर गुरु प्रसाद ने बताया कि 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के अवसर पर जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा. इसके लिए सभी संबंधित विभागों, ग्राम पंचायतों और वन मंडल कार्यालय को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. जिले के सार्वजनिक स्थलों, शासकीय परिसरों, स्कूल-कॉलेज कैंपस और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पौधे लगाए जाएंगे.
बारिश का मौसम बना अभियान की ताकत
वन मंडल जिला अधिकारी भानु प्रकाश बथमा के अनुसार बारिश का मौसम पौधरोपण के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. पर्याप्त नमी मिलने से पौधों के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है. यही कारण है कि इस समय जिले में वृक्षारोपण अभियान को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. प्रशासन चाहता है कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर जिले के हरित क्षेत्र में वृद्धि की जाए.

पौधारोपण करते ग्राणीण।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर
कलेक्टर गुरु प्रसाद और वन मंडल जिला अधिकारी भानु प्रकाश बथमा के मुताबिक पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है. इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायतों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और लोगों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग उत्साह के साथ पौधरोपण कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं.
बदलते मौसम ने बढ़ाई वृक्षों की अहमियत
पिछले कुछ वर्षों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिले हैं. बढ़ता तापमान, अनियमित बारिश और पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. ऐसे समय में वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना जा रहा है. यही वजह है कि केंद्र और राज्य सरकार भी लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही हैं.

पौधारोपण के बाद हरेभरे हुए जंगल.
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से मिल रही प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का संदेश भी लोगों तक पहुंच रहा है. जिले में कई लोग अपनी मां, पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर पौधे लगा रहे हैं. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ रहा है और लोगों में पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी का भाव विकसित हो रहा है.
पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी
हरियाली अमावस्या पर होने वाला यह व्यापक पौधरोपण अभियान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल भी करें. क्योंकि पौधरोपण की सफलता तभी मानी जाएगी, जब लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में घने और मजबूत वृक्ष बनकर पर्यावरण को नई ऊर्जा दें.





