

पूर्व कांग्रेस विधायक को राहुल गांधी ने बात करके पार्टी बदलने से रोक दिया.
महाराष्ट्र में बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल बोंद्रे जल्द ही मुंबई में भाजपा का दामन थामने वाले थे. इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में उनके स्वागत की पूरी तैयारी हो चुकी थी. लेकिन पासा पलटने में देर नहीं लगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर हुई सीधी बातचीत के बाद बोंद्रे ने अपना फैसला वापस ले लिया.
‘मुश्किलें कितनी भी हों, आपके साथ हूं’
इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बोंद्रे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बेहद भावुक बातचीत करते दिख रहे हैं. बोंद्रे ने कहा, “आपने मुझे फोन किया और मेरे जैसे साधारण कार्यकर्ता की सुध ली. मैं केवल आपकी वजह से अब तक टिका हुआ था. अब चाहे मेरा सब कुछ चला जाए, मैं आपके साथ और कांग्रेस के लिए काम करता रहूंगा.” दूसरी तरफ राहुल गांधी ने बोंद्रे को पार्टी का वफादार बताते हुए ढांढस बंधाया और कहा, “वे आपके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाकर आपको खत्म करना चाहते हैं. ऐसी गलती मत कीजिए. हार ही तो जीत की नींव होती है.”
विपक्ष ने लगाया भाजपा पर गंभीर आरोप
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस में नया जोश देखा जा रहा है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और यशोमती ठाकुर ने आरोप लगाया कि बोंद्रे पर सरकारी तंत्र का भारी दबाव था और उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए थे. यशोमती ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी के इस हस्तक्षेप ने बोंद्रे को संकट के समय में लड़ने का साहस दिया है. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को डराने और ब्लैकमेल करके दल-बदल कराने की राजनीति कर रही है, जिसका सभी को मिलकर विरोध करना चाहिए.
यह भी पढ़ें-
पूरी स्टोरी पढ़ें





