खबर

‘बेहद चिंताजनक…,’ भारत ने ओमान की खाड़ी में एमटी जलवीर जहाज पर हुए हमले की निंदा की | India Condemns attack on MT Jalveer vessel in Oman Coast



मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. इस बीच खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों वाले टैंकरों पर भी हमला हुआ. इसे लेकर भारत सरकार ने सख्ती दिखाई है. भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदी की है. विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को बेहद चिंताजनक बताते हुए ऐसे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है. इस हफ्ते की शुरुआत में ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के हमले का शिकार हुए एक जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जिनके बारे में शुरू में लापता होने की खबर थी.

विदेश मंत्रालय ने की हमलों की निंदा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि हाल के दिनों में मिडिल एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं. हम अपने नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा को बहुत महत्व देते हैं. हमें इस बात को दोहराने की जरूरत नहीं है.

हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत

जायसवाल ने कहा, “कल हमने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें दुर्भाग्य से हमारे तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई. हमने कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए यहां अमेरिकी CDA को तलब किया था. इस क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा हैं. इन हमलों को रोका जाना चाहिए और ये खत्म होने चाहिए. हम बातचीत और कूटनीति का भी आह्वान करते हैं ताकि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल हो सके.”

शिपिंग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने हमलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमले हुए हैं. 

8 जून को ‘मैरिवेक्स’ (Marivex) जहाज पर आग लगने की खबर मिली थी. जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इसके बाद 10 जून को ‘एमटी सेटेबेलो’ (MT Settebello) जहाज पर हमला हुआ, जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. इनमें से 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया. 11 जून को हुए ताजा हमले में ‘एमटी जलवीर’ (MT Jalveer) को निशाना बनाया गया. जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.

यह भी पढ़ें: अवैध विदेशी नागरिकों को पहचानने और पकड़ने का काम तेज, विदेश मंत्रालय ने बताया कब से भेजेंगे वापस




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button