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बाढ़ से प्रभावित तिब्बत से निकलकर मुंबई लौटीं मानसी पारेख, मुश्किल दिनों का बयां किया दर्द, कहा- नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना जंग जैसा | Manasi Parekh On Escape From Flood Hit Tibet said The Last 3-4 Days Have Been Overwhelming


नई दिल्ली:

मानसी पारेख, जो बॉलीवुड और टीवी की जानी मानी अदाकारा हैं. वह 93 लोगों के साथ ईशा फाउंडेशन के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा से मुंबई लौट आई हैं. जबकि बाढ़ के बीच उनके लापता होने की खबरें आ रही थीं. लेकिन जब वह मुंबई लौटीं तो एयरपोर्ट पर काफी इमोशनल माहौल देखने को मिला. जहां लंबे इंतजार और दर्द के बीच परिवार से लोग मिलते हुए नजर आए, जो अपने परिवार के सदस्यों के लिए चिंतिंत थे. इसी बीच कैलाश की आध्यात्मिक यात्रा पूरी करने के एक्सपीरियंस को भी उन्होंने फैंस के साथ शेयर किया और बताया कि यह उनके अब तक के सबसे खास अनुभवों में से एक है. इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसने पर एक्ट्रेस ने दर्द बयां किया. 

मानसी पारेख ने बयां किया दर्द

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एक्ट्रेस मानसिक पारेख ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, प्यार, मैसेज, कॉल और प्रार्थनाओं के लिए शुक्रिया. पिछले 3-4 दिन बहुत मुश्किल भरे रहे. चीन से निकलकर नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना किसी जंग जीतने जैसा लगा. चीन के न्यालम शहर में जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ, जिसकी वजह से हमें अपनी बस में 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, तब जाकर हम सड़क के रास्ते चीन से बाहर निकलने का सफर शुरू कर पाए.  फिर 40 मील की लंबी बस यात्रा के बाद हम नेपाल बॉर्डर पर पहुंचे, जहां एक और भूस्खलन हुआ था. हमें वहां से पैदल ही गुजरना पड़ा क्योंकि दूसरी तरफ इंतजार कर रही बसों तक पहुंचने का कोई और रास्ता नहीं था. और फिर काठमांडू तक का बस का सफर हमारी जिंदगी का सबसे ज्यादा झटकों वाला सफर था, जो 4 घंटे का था. लेकिन यह सब इसलिए सही लगा क्योंकि इसका मतलब था मुंबई वापस आना, अपने परिवार के पास आना और अपनी बेटी को चूम पाना. 

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मानसी पारेख ने दिखाई कैलाश मानसरोवर की झलक

इससे पहले इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की झलक मानसी पारेख ने शेयर की, जिसमें उन्होंने ऊंचाई पर 20 किमी पैदल चलने, बारिश का सामना करने और आखिर में घोड़े पर सवार होकर आखिरी हिस्से तक जाने को याद किया. जारी किए गए वीडियो में अभिनेत्री मानसी पारेख कहती हैं, “इस ठंड के मौसम में, बिना अलार्म के, मैं सुबह 5 बजे उठी क्योंकि मैं बहुत उत्साहित थी. हाई एल्टीट्यूड पर नाक में कैस्टर ऑयल लगाना बहुत जरूरी है, नहीं तो नाक से खून निकलने लगता है. पहाड़ों में कोई मेकअप काम नहीं करता. सिर्फ एक चीज मायने रखती है, वो है ढेर सारा सनब्लॉक.”

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पहाड़ों में किया नाश्ता

अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने अपना नाश्ता हैवी किया है, क्योंकि पहाड़ों में चढ़ने के साथ-साथ अपना बैकपैक भी उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा, “नाश्ते के बाद हम बस की तरफ निकल पड़े और अचानक, हमने देखा कि मौसम बहुत खराब है. ऐसा लग रहा है कि बारिश होने वाली है. हम यमद्वारा से अपनी यात्रा शुरू करते हैं. इसका सांकेतिक मतलब है कि आप अपनी सारी शिकायतों और परेशानियों को, सब कुछ भूल जाते हैं और अपने नए आध्यात्मिक स्वरूप की ओर चलते हैं. इस साल तिब्बती कैलेंडर के अनुसार घोड़े का वर्ष है, जिसका मतलब है कि इस साल कैलाश यात्रा करना 13 बार यात्रा करने के बराबर है.”

कैलाश का पूर्वी छोर में देखा

उन्होंने आगे कहा, “घोड़े का वर्ष समर्पण, परिवर्तन और विलय के बारे में है और मुझे लगता है कि ये यात्रा निश्चित रूप से मेरे लिए यही है और इससे भी कहीं ज्यादा. जैसा कि आप देख सकते हैं, जैसे-जैसे हम ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं, खूबसूरत नज़ारे भी बढ़ते जा रहे हैं. पहाड़ों के खूबसूरत नजारों को देखकर मैं बहुत खुश हूं और अचानक से उस दौरान कैलाश का पूर्वी छोर दिखा, जो और भी खूबसूरत था. पूर्वी छोर को देखने के बाद मुझे शांति महसूस हुई सब कुछ सार्थक लगा. इसीलिए मैंने घोड़े पर बैठकर आखिरी 1 किमी अपने शेरपा के साथ पूरा करने का फैसला किया. 

अभिनेत्री ने बताया कि कैलाश यात्रा उनके लिए सबसे खास अनुभवों में से एक है. उन्होंने वीडियो पोस्ट कर लिखा, “तिब्बती संस्कृति के अनुसार ‘घोड़े के साल’ में कैलाश की यात्रा करना 13 बार यात्रा करने के बराबर है! क्या खास साल है और क्या खास सफर है जो हमेशा के लिए मेरे दिल में बस गया है.”

कहां है कैलाश मानसरोवर 

जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि  कैलाश मानसरोवर चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (Tibet Autonomous Region) में स्थित है. जबकि कैलाश पर्वत (Mount Kailash) और मानसरोवर झील दोनों नागरी प्रान्त (Ngari Prefecture) के बुरांग काउंटी (Burang County) में हैं. यह भारत (उत्तराखंड) और नेपाल की सीमा के पास पश्चिमी तिब्बत में स्थित है. 

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किस्मत से बचीं मानसी पारेख

मानसी पारेख ने बताया कि सद्गुरु की कैलाश मानसरोवर यात्रा के हिस्से के तौर उन्हें गुरुवार सुबह तिब्बत के ग्यारोंग पोर्ट पर पहुंचना था, जो अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गया है. इंस्टाग्राम पर तबाही का वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा था कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन उन्होंने इस त्रासदी पर दुख जताया और लोगों से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की. पोस्ट में उन्होंने लिखा, “यह हुआ है… हमें कल सुबह यहां पहुंचना था,” इसी के साथ बाढ़ की वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “पांच दिन पहले इसी जगह पर मेरा स्वागत हुआ था. कितने प्यार से! और अब पूरी जगह पानी में डूबी हुई है.”

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)





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