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बांग्लादेश के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद भारतीय उच्चायुक्त बोले, ‘ऐसा कोई भी मुद्दा नहीं जिसे मिलकर नहीं सुलझाया जा सकता’ | INDIAN HIGH COMMISSIONER MEETS BANGLADESH FOREIGN MINISTER KHALILUR RAHMAN SAYS THINGS WILL MOVE FORWARD



बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्‍होंने कहा क‍ि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसे आपसी समझ से सुलझाया न जा सके. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री तारीक रहमान के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों पर रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ा जाएगा.

मुलाकात का अपडेट भारतीय उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया. पोस्ट में लिखा, “हाई कमिश्नर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से शिष्टाचार मुलाकात की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पारस्परिक हितों एवं आपसी लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य उन्मुख द्विपक्षीय साझेदारी को लेकर भारत प्रतिबद्ध है. इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों से जुड़े सहयोग को सभी क्षेत्रों में और गहरा करने पर भी जोर दिया.”

विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद चिनॉय से भी मुलाकात

उच्चायुक्त ने बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद चिनॉय से भी मुलाकात की. दोनों के बीच भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. वहीं, विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान और विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद चिनॉय से अलग-अलग मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं हर चीज को सकारात्मक नजरिए से देख रहा हूं. हमारी बेहद सकारात्मक और सार्थक बैठक हुई.”

‘जो भी दोनों लोकतंत्रों और उनके नागरिकों के हित में होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी’

प्रमुख समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत की ओर से दिए गए दो अलग-अलग निमंत्रणों के बारे में पूछे जाने पर उच्चायुक्त ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा, “हम उनकी भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह दौरा निकट भविष्य में होगा.” तीस्ता और गंगा जल संधियों जैसे लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर उन्होंने कहा कि यह मुलाकात मुख्य रूप से शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसे आपसी समझ से हल न किया जा सके. उन्होंने कहा, “आखिरकार बात दोनों देशों के लोगों की है. जो भी दोनों लोकतंत्रों और उनके नागरिकों के हित में होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी.”

उच्चायुक्त ने बताया कि संधियों के नवीनीकरण से जुड़े मामलों पर भारत और बांग्लादेश के संयुक्त कार्य समूह सक्रिय हैं और वे जल्द बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. दिनेश त्रिवेदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और खेल संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश सिर्फ सीमाएं ही नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और आकांक्षाएं भी साझा करते हैं. उन्होंने कहा, “मैं ऐसे संबंधों की अपेक्षा करता हूं, जिनकी नींव दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक हितों पर आधारित हो। यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में हमारे संबंध और मजबूत होंगे.” बैठक में भारत के उप उच्चायुक्त पवन बाढे और उच्चायोग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. 

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ल‍िए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भी क‍िया आमंत्रित

25 जून, 2026 को दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति को अपना परिचय पत्र सौंपा था और भारत सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी. भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसके लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को भी आमंत्रित किया गया है.

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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