

RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक से पहले आज 5 अक्टूबर, सोमवार को बाजार बढ़त के साथ खुले. मार्केट खुलते ही BSE सेंसेक्स में 410 अंकों का उछाल देखा गया, वहीं NSE निफ्टी 50 में भी करीब 120 अंकों का उछाल देखा गया. RBI MPC मीटिंग को लेकर उम्मीद की जा रही है कि ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का फैसला लिया जा सकता है. जानकारों का मानना है कि इससे बैंकिंग शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है.
शेयर मार्केट अपडेट: करीब 1 फीसदी उछाल
मार्केट में आज अच्छी बढ़त देखी जा रही है. सुबह 9:40 बजे BSE सेंसेक्स 0.95% या 683 अंकों के उछाल के साथ 72,592 के पार ट्रेड करता दिखा, वहीं NSE निफ्टी 50 भी करीब 0.85% या 190 अंकों की बढ़त के साा 22,612 के पार कारोबार करता दिखा.
सोमवार सुबह 9:20 बजे BSE सेंसेक्स 0.59% या 422.63 अंकों के उछाल के साथ 72,330 के पार ट्रेड करता दिखा, वहीं NSE निफ्टी 50 भी करीब 0.52% या 116 अंकों की बढ़त के साा 22,538 के पार कारोबार करता दिखा.
किस सेक्टर का कैसा है हाल?
शुरुआती कारोबार में ज्यादातर सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार का मूड सकारात्मक रहा. निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल में 1 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई.
निफ्टी रियल्टी में 0.93 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी केमिकल्स, निफ्टी FMCG और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.8 प्रतिशत से 0.85 प्रतिशत के बीच बढ़त दर्ज की गई.
सुबह के कारोबार में निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. वहीं, निफ्टी IT, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में कोई खास बदलाव नहीं दिखा.
दूसरी ओर, हेल्थकेयर शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई; निफ्टी 500 हेल्थकेयर और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में क्रमशः 0.07 प्रतिशत और 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई.
बाजार में सुधार की उम्मीद
बाजार के जानकारों का कहना है कि लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार में जल्द ही सुधार देखने को मिल सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली अभी भी बाजार के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं.
जानकारों ने कहा कि खासकर लार्ज-कैप शेयरों के लिए वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं, और जोड़ा कि बाजार मौजूदा चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में हो सकता है.
उनके अनुसार, सितंबर में ऑटोमोबाइल बिक्री के सकारात्मक आंकड़े भी घरेलू अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती का संकेत देते हैं.
बैंकिंग शेयरों में तेजी क्यों?
जानकारों का मानना है कि बुधवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की उम्मीद है और बाजार ने इस कदम को काफी हद तक पहले ही मान लिया है. उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बैंकों को फ़ायदा हो सकता है क्योंकि फ्लोटिंग लेंडिंग रेट्स बढ़ने से मार्जिन को सहारा मिल सकता है.
इसके अलावा, पिछले ट्रेडिंग सेशन में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 9,484 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 10,041 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी करके बाज़ार को सहारा दिया.
साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई और इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 101.27 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.
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