
वॉशिंगटन:
अमेरिका ने यूके एयरबेस, रॉयल एयर फोर्स फेयरफोर्ड से अपने सभी B-1 बॉम्बर प्लेन हटा लिए हैं. पेंटागन ने रविवार को इन खबरों की पुष्टि की. इसी एयरबेस पर हुई एक संदिग्ध घटना के कारण आसपास के इलाकों से लोगों को हटाना पड़ा था. पेंटागन के एक अधिकारी ने कहा कि ये सही है कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात अमेरिकी बॉम्बर प्लेन अमेरिका में अपने होम बेस पर वापस भेज दिए गए हैं. बयान में ये भी कहा गया कि सुरक्षा कारणों की वजह से हम अपने एसेट्स और फोर्स की गतिविधियों की जानकारी रियल-टाइम में नहीं दे सकते.
दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में स्थित इस बेस पर पिछले रविवार को पुलिस को बुलाया गया था. एक स्थानीय किसान ने सूचना दी थी कि कुछ लोग कई वैन के साथ ‘संदिग्ध’ गतिविधि में शामिल हैं. घटना से डरे हुए लोगों को एयरबेस के पास के 85 घरों से बाहर निकालना पड़ा. इसी एयरबेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया था.
इस घटना के पीछे के मकसद को लेकर आतंकी खतरे से लेकर ईंधन की चोरी तक, कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. UK में इस हफ़्ते एनर्जी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं. हालांकि नेशनल काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग के प्रमुख लॉरेंस टेलर ने जानकारी दी कि वैन में कोई विस्फोटक नहीं मिला, बल्कि ‘काफ़ी मात्रा में पेट्रोल बरामद हुआ.’

इस घटना में लंदन के रहने वाले 20-25 साल के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. हालांकि इस फैसले पर अमेरिका ने नाराजगी जताई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैं ऐसा नहीं करता.’ वहीं, उनके सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि इसमें किसी ‘विदेशी ताकत’ का हाथ था.
वहीं लंदन में ईरान के दूतावास ने कहा है कि वह तेहरान के शामिल होने की अटकलों को साफ तौर पर खारिज करता है और कड़ी निंदा करता है. खबरों के मुताबिक, हाल ही में इस बेस पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.
ये घटना तब हुई जब एयरबेस के पास वेल्फोर्ड गांव में रहने वाले एक किसान ने पुलिस को फोन किया. उसने देखा था कि तीन वैन बीच सड़क पर खड़ी थी और नकाबपोश लोगों का एक ग्रुप वहां से भाग रहा था. वैन के एरियल फुटेज में उनमें बैरल दिखाई दिए. वहीं एक वैन पर नकली लोगो और फोन नंबर लिखा था, जिससे ऐसा लगे कि वो किसी असली डीजल डिलीवरी कंपनी की है.
इसे भी पढ़ें: ट्रंप ने तीसरा युद्धपोत भी भेजा; क्या फिर मिडिल ईस्ट दहलाएगा अमेरिका?





