

नई दिल्ली:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को बीच में रोकने के आरोपों को लेकर हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि इन लोगों को देश से माफी मांगनी चाहिए. अमित शाह ने कहा कि 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, यह भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है. सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है. आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी. वहीं, इस विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं उनका देश की आजादी में कोई रोल नहीं था. आरएसएस के मुख्यालय में बरसों तक झंडा नहीं फहराया गया, अब ऐसे लोग सवाल उठा रहे हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मिलकर चित्तौड़गढ़ में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. वंदे मातरम विवाद पर अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए. कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था. चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही. हम सब टीवी पर देखते रह गए.
शाह ने कहा- कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए
अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया था. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वो अमर कृति, एक गान के दो शब्द, वंदे मातरम, ‘भारत माता की मैं वंदना करता हूं’ ये बोलते हुए हजारों-लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे. वोट बैंक के लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम के भुला दिया था. यह 150वां साल है वंदे मातरम के प्राकट्य का. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है.” उन्होंने कहा, ”कोई सपने में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए.”
कांग्रेस बोली- सवाल कौन उठा रहा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, ”जो लोग सवाल उठा रहे हैं उनका देश की आजादी में कोई रोल नहीं था. आरएसएस के मुख्यालय में बरसों तक झंडा नहीं फहराया गया, अब ऐसे लोग सवाल उठा रहे हैं.” मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में जब वंदे मातरम गया गया उसमें सोनिया गांधी समेत सभी कांग्रेस के नेता शामिल हुए थे. जहां तक सोनिया गांधी की बात है, मैं भी उस वक्त मौजूद था जब मॉनसून सत्र के खत्म होने के बाद उपराष्ट्रपति के साथ चाय पर मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की बढाई की थी कि उन्हें पूरा वंदे मातरम याद है.
उन्होंने कहा, कांग्रेस को क्या प्रॉब्लम हो सकती है? अगर देश में एक कानून बन गया है तो उसका पार्टी सम्मान करती है. राज्यसभा में पूरा गाना गया गया, सभी पार्टी के सदस्यों ने भाग लिया था. जब कोई कानून देश में बन जाएगा तो उसका सबको सम्मान करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी पर इस तरह की कोई सवाल उठाए यह तो मजाक जैसा लगता है. इसमें क्या माफी मांगना है, किससे माफी मांगना है? कानून बनने से पहले तक कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम का दो स्टैंजा गाया जाता था, लेकिन अब जब कानून बन गया है तो हम सबको उसका सम्मान करना चाहिए.
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