
पंजाब के फाजिल्का जिले में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई तेज बारिश ने किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. फाजिल्का की दाना मंडी में बारिश का पानी भरने से खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा. मंडी में कई जगहों पर 3 से 4 फुट तक पानी जमा हो गया. हालात ऐसे बन गए कि खुले में पड़ी धान की ढेरियां पानी में बह गईं, जबकि बोरियों में भरा धान भी पानी की चपेट में आ गया. इस घटना के बाद किसानों और आढ़तियों में भारी रोष देखने को मिला.
मंडी में पानी इस कदर भर गया की नुकसान का जायजा लेने और किसानों का दुख-दर्द जानने पहुंचे किसान नेताओं को भी मंडी के अंदर जाने के लिए कश्तियों यानी नाव का सहारा लेना पड़ा. मंडी में भरे पानी की वजह से सामान्य तरीके से आवाजाही करना मुश्किल हो गया था.
कश्तियों के जरिए मंडी में पहुंचकर किसान नेताओं ने पानी में डूबी धान की फसल का जायजा लिया और किसानों को हुए नुकसान पर चिंता जताई. किसानों और आढ़तियों ने मंडी में पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं होने के लिए फाजिल्का प्रशासन और मंडी बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना था कि यदि मंडी में पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध होते तो बारिश के कारण धान की फसल को इस तरह नुकसान नहीं उठाना पड़ता.

करोड़ों का हुआ नुकसान
मंडी में पानी भरने और धान की फसल को नुकसान पहुंचने के बाद किसानों और आढ़तियों को उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से जल्द मौके पर पहुंचकर राहत के इंतजाम किए जाएंगे. लेकिन, उनका आरोप था कि सुबह 10 से 11 बजे तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या राजनीतिक प्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा.

इससे नाराज किसानों, आढ़तियों और किसान संगठनों के नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया. उन्होंने मंडी में जल निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने पर सवाल उठाए और नुकसान की भरपाई की मांग की. इसके बाद गुस्साए किसानों और आढ़तियों ने फाजिल्का में नेशनल हाईवे जाम कर धरना शुरू कर दिया. सड़क जाम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ.
विधायक नरेंद्रपाल सिंह सवना ने दिया मुआवजे का आश्वासन
किसानों और आढ़तियों का धरना कई घंटे तक जारी रहा. इस दौरान फाजिल्का के विधायक नरेंद्रपाल सिंह सवना भी धरनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं.
विधायक ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को मंडियों में जमा बारिश के पानी की जल्द से जल्द निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके दिन-रात काम किया जाएगा, ताकि मंडियों से पानी निकाला जा सके.
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पानी निकलने के बाद बारिश से प्रभावित धान की फसल का नुकसान जांचने के लिए विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी.

एसडीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, विशेष गिरदावरी के निर्देश
देर शाम फाजिल्का के एसडीएम जुगराज सिंह काहलों ने दाना मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में मंडी में जमा पानी की जल्द निकासी और बारिश के कारण धान की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के संबंध में चर्चा की गई.
एसडीएम की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मंडी से पानी निकालने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं. पानी निकलने के बाद सुबह होते ही किसानों और आढ़तियों की प्रभावित धान की फसल का जायजा लिया जाए और विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट तैयार की जाए.
इस रिपोर्ट को सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि बारिश से हुए नुकसान के आधार पर प्रभावित किसानों और आढ़तियों को मुआवजा दिलाने के लिए कार्रवाई की जा सके.\
(फाजिल्का से बलजीत सिंह का इनपुट)
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