

पंजाब की लाखों महिलाओं के मोबाइल फोन पर रविवार को एक बार फिर सम्मान राशि के मैसेज की ‘टूं-टूं’ सुनाई दी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मुख्यमंत्री मां-धियां सत्कार योजना’ के तहत राज्य की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1,291 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की. अबोहर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता देने की दिशा में एक बड़ा सामाजिक बदलाव है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए पंजाब की एक करोड़ महिलाओं को लाभ पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि अब तक 80 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. उन्होंने घोषणा की कि नए साल के तोहफे के रूप में 1 जनवरी को सभी पंजीकृत लाभार्थी महिलाओं के खातों में सम्मान राशि जमा करवाई जाएगी.
अब तक 3,934 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार इससे पहले भी योजना के तहत 76.35 लाख महिलाओं को 2,643.71 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर चुकी है. रविवार को 1,291 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने के बाद योजना के तहत अब तक कुल वितरित राशि 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
उन्होंने कहा कि यह देश की पहली ऐसी योजना है, जो बिना किसी पारिवारिक शर्त या प्रतिबंध के महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है. यदि किसी परिवार में तीन योग्य महिलाएं हैं तो तीनों को योजना का लाभ मिलेगा. मान के अनुसार यह योजना सालाना लगभग 12,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी.
‘महिलाओं के हाथ में पैसा, बढ़ेगा आत्मविश्वास’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मां-धियां सत्कार योजना’ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली पहल है. उनके मुताबिक जब पैसा सीधे महिलाओं के खाते में पहुंचता है तो वे अपने फैसले खुद लेने में सक्षम होती हैं और सम्मान के साथ जीवन जी सकती हैं. उन्होंने इसे महिलाओं की वित्तीय आजादी सुनिश्चित करने वाला कदम बताया.
80 लाख पंजीकरण, 1 जनवरी और 1 दिसंबर को अगली किस्त
मान ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 तक 80.05 लाख महिलाएं योजना के तहत पंजीकरण करा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर को अगली किस्त जारी की जाएगी और इसके बाद 1 जनवरी को एक और किस्त लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि तब तक योजना से जुड़ने वाली महिलाओं की संख्या एक करोड़ के लक्ष्य के करीब पहुंच जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के संचालन और पंजीकरण प्रक्रिया में 1.37 लाख से अधिक ‘सत्कार सखियां’ सहयोग कर रही हैं. उनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये का मान-भत्ता दिया जाएगा. इसके अलावा पंजीकरण कार्य में लगी आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अन्य योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राज्य में 54 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, आम आदमी क्लिनिक स्थापित किए गए हैं और 90 फीसदी घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है.
मान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के 70,685 सरकारी नौकरियां दी हैं. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और नहरी सिंचाई के क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया.
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों के पास लोगों के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार जनता के टैक्स का पैसा जनता के कल्याण पर खर्च कर रही है और विकास कार्यों के जरिए लोगों को उसका लाभ लौटाया जा रहा है.
मान ने कहा कि पंजाब की जनता अब विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की राजनीति को समझ चुकी है और इसी आधार पर भविष्य का फैसला करेगी.





