
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज (27 जून) शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने, जनादेश का अपमान करने तथा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों के परिणामों को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले हर हाल में चुनाव टालना चाहती थी, लेकिन हाईकोर्ट और अंततः सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े. इसके बावजूद सरकार अब अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव जानबूझकर लटका रही है ताकि हॉर्स ट्रेडिंग और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का समय मिल सके.
‘कांग्रेस को अंदेशा था कि जनता उसके खिलाफ मतदान करेगी’
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को पहले से अंदेशा था कि जनता उसके खिलाफ मतदान करेगी. यही कारण था कि कभी डिजास्टर एक्ट का सहारा लिया गया, कभी नियमों में बदलाव किए गए और कभी चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया गया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव तो हुए, लेकिन अब सरकार जनादेश को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने में जुटी हुई है.
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत पंचायतों में बीजेपी समर्थित प्रधान और उपप्रधान विजयी हुए, जो स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में भी बीजेपी को व्यापक जनसमर्थन मिला. धर्मशाला नगर निगम में बीजेपी ने 17 में से 11 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जबकि अन्य नगर निकायों में भी बीजेपी का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा.
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तीनों स्थानों पर भी कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं कर सकी खड़ा
जयराम ठाकुर ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 12 जिला परिषदों में से केवल 3 में ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कराए गए हैं और तीनों स्थानों पर कांग्रेस अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी. उन्होंने दावा किया कि शेष अधिकांश जिला परिषदों में भी बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करा रही है. उन्होंने कहा कि 92 ब्लॉक समितियों में से केवल 47 में चुनाव कराए गए, जिनमें 31 स्थानों पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए, जबकि कांग्रेस केवल 16 स्थानों पर जीत सकी. नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी सरकार केवल वहीं चुनाव करा रही है जहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत है, जबकि बीजेपी बहुमत वाले निकायों में चुनाव तिथियां घोषित नहीं की जा रही हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थित पार्षदों, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को डराने-धमकाने के लिए उनके विरुद्ध विजिलेंस और अन्य मामलों में झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं. कई स्थानों पर उनके परिजनों के तबादले किए जा रहे हैं तथा प्रशासनिक दबाव बनाकर जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने सुजानपुर नगर परिषद का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां गुप्त मतदान की निर्धारित प्रक्रिया का पालन तक नहीं किया गया.
पंचायतों और नगर निकायों चुनाव से जनता का कांग्रेस को सपष्ट संदेश
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है जो सरकार के दबाव में आकर चुनाव की तिथियां घोषित नहीं कर रहे हैं अथवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का कार्य कर रहे हैं. साथ ही उन अधिकारियों की भी सूची बनाई जा रही है जो बीजेपी समर्थित निर्वाचित प्रतिनिधियों के विरुद्ध राजनीतिक दबाव में कार्रवाई कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतंत्र की सभी सीमाएं लांघ चुकी है. जनता का स्पष्ट जनादेश बीजेपी के पक्ष में आने के बावजूद सरकार सत्ता के दुरुपयोग के माध्यम से उसे पलटने का प्रयास कर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से जनादेश का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि जनता ने पंचायतों और नगर निकायों के माध्यम से साफ संदेश दे दिया है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के प्रति विश्वास समाप्त हो चुका है.
‘अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथियां घोषित नहीं, तो संघर्ष तेज’
जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव की तिथियां घोषित नहीं कीं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बंद नहीं किया, तो भारतीय जनता पार्टी न्यायालय से लेकर सड़कों तक लोकतांत्रिक संघर्ष को और तेज करेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायत और नगर निकाय चुनावों का जनादेश आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा भी तय कर चुका है और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है.
हाल ही में किन्नौर के जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए निगम भंडारी को बीजेपी की बी टीम कह रहे राजस्व मंत्री जगत नेगी के सवाल पर जय राम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस के ही मंत्री अपने जिला अध्यक्ष को बीजेपी की बी टीम कह रहे हैं तो उन्हें ये मानने में कोई ऐतराज नहीं है. परेशानी तो जगत नेगी हो ही होगी बीजेपी को कोई परेशानी नहीं है. यदि मंत्री के जिले में ही जिला अध्यक्ष उनके कहने पर नहीं बनाया जा रहा है तो उनको अपना पद छोड़ देना चाहिये. जगत नेगी सिर्फ मुझे बोलने के लिए भोंपू बनाकर रखे हुए हैं.
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