
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से छात्रों का प्रदर्शन जारी है. नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस मांग के चलते सोमवार (20 जुलाई) को छात्रों ने ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया था. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज खदेड़ दिया था.
इसको देखते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा छात्रों की पिटाई और लाठीचार्ज ने यूपी-बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा में भी चिंगारी भड़का दी है. पुलिस के इस रवैये और धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में अब देश के अलग-अलग राज्यों में जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच दिल्ली को देखते हुए अलग-अलग राज्यों में भी जंतर-मंतर सजा है.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी सरकार और CJP की बात? प्रवक्ता का दावा- सामने रखेंगे ये चार मांगें
उत्तर प्रदेश में भी सजा जंतर-मंतर
वहीं यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शुक्रवार (24 जुलाई) को एक बार फिर से प्रदर्शन किया. सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया. 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं. प्रदर्शनकारी छात्र मंत्री के घर के बाहर बैठ प्रदर्शन कर रहे हैं. शुक्रवार को छात्रों ने शिक्षा राज्यमंत्री के आवास का सुबह 11 बजे घेराव किया.
इस बीच भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, “25 तारीख को होने वाले प्रदर्शन में स्वयं लखनऊ रहूंगा. अब यह आंदोलन देश मे भर में आगे बढ़ेगा और शिक्षा व्यबस्था में सुधार होने तक जारी रहेगा. आज़ाद समाज पार्टी लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन शुरू कर रही है. इस प्रदर्शन को कल चंद्रशेखर आजाद अपना समर्थन देने के लिए लखनऊ में रहेंगे. आजाद के इस ऐलान के बाद अब लखनऊ में भी जंतर-मंतर सजने जा रहा है.
इसके अलावा हमीरपुर में नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर मे हुए लाठीचार्ज के विरोध मे ब्राह्मण एकता परिषद ने छात्रों संग प्रदर्शन किया. पदाधिकारियों और छात्रों द्वारा राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है. देश के भविष्य छात्र छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को लेकर कड़ा विरोध जताया गया है.
हमीरपुर स्थित अम्बेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल जुलूस निकालकर यह प्रदर्शन किया गया है. इस दौरान सभी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है. जिलाध्यक्ष मातृ प्रकोष्ठ दीपा तिवारी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया है.
बिहार छात्र आंदोलन के बीच नवादा में फ्लैग मार्च
बिहार में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों के बीच नवादा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुक्रवार को नवादा शहर की सड़कों पर भव्य फ्लैग मार्च निकाला गया. इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने किया, जिसमें जिले के कई पुलिस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल रहे.
फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा. मार्च का उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की तैयारियों का संदेश देना था. बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त संख्या में बल उपलब्ध रहे.
नवादा में भी प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सदर एसडीओ अमित अनुराग कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा. फिलहाल पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है.
‘मैं कमजोर महसूस कर रहा हूं लेकिन…’ सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बीच अभिजीत दीपके का बड़ा बयान
महाराष्ट्र में भी गुस्साए छात्रों ने जताया कड़ा विरोध
मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क इलाके में नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर बुधवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया है. इस प्रदर्शन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है. दरअसल, प्रदर्शन के दौरान लोगों को लेकर जा रही एक वैन के सामने अकेली लड़की रिया खड़ी हो जाती है.
ऐसे में पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए गाड़ी को रोक दी. अब इस घटना की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इसके देखकर लोग हैरान हैं. वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों को ले जा रही वैन का गेट खोलकर सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने का वीडियो भी खूब वायरल है. पुलिस द्वारा मामले में कई प्रदर्शनकारी छात्रों पर केस दर्ज किया गया है.
हरियाणा में भी जमकर विरोध जारी
दिल्ली में चल रहे युवाओ का प्रदर्शन अब धीरे-धीरे हरियाणा के जिलों में भी फैलता जा रहा है. गुरुवार (23 जुलाई) को कुरुक्षेत्र में हुए छात्रों के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार (24 जुलाई) को हरियाणा के कैथल जिले में छात्रों और किसान संगठनों ने सड़क पर सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए युवाओं ने दिल्ली में लड़कियों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आवाज बुलंद की. वहीं देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया करते हुए छात्रों का कहना है कि सरकार शिक्षा में सुधार करे. प्रदर्शन में आईं छात्राओं ने कहा कि हम हर रोज मेहनत करते हैं, लेकिन सरकार में बैठे लोग पेपर लीक कर देते हैं.
वहीं छात्रों कि मांग है की नीट परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों को आर्थिक मदद कि जाए. वही छात्रों का आरोप है कि सरकार न तो शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ले रही और न ही उनकी मांगो को मान रही है. वहीं प्रदर्शन में आए छात्रों का कहना है कि वो किसी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और गैरराजनीतक रूप से हम इस प्रदर्शन में दिल्ली में हुए लाठी चार्ज के विरोध में आए हैं.
मध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन से प्रशासन में हड़कंप
बालाघाट कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर नीट पेपर लीक और छात्र हितों के मुद्दे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. युवक ने इंकलाब जिंदाबाद, भगत सिंह जिंदाबाद, भ्रष्टाचार मुर्दाबाद और सरकार विरोधी नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान वीडियो में युवक दो बार सुतली बम फोड़ते दिखाई दे रहा है, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद युवक सुजल मेश्राम ने अपने कृत्य पर खेद जताते हुए लिखित रूप से माफीनामा भी जिला प्रशासन को सौंप दिया है. वायरल वीडियो में युवक खुद को भगत सिंह के विचारों से प्रेरित बताते हुए कहता है कि सरकार छात्रों की आवाज नहीं सुन रही है. उसका आरोप है कि छात्रों पर लाठीचार्ज कराया गया और उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है.
युवक ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि आज वह अकेला प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन आने वाले समय में उसके साथ सैकड़ों युवा जुड़ेंगे. प्रदर्शन के दौरान उसने भारत सरकार मुर्दाबाद और भ्रष्टाचार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. यह वीडियो बालाघाट कलेक्ट्रेट कार्यालय का है. वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. इसके बाद युवक सुजल मेश्राम ने SP के समक्ष लिखित माफीनामा प्रस्तुत कर अपने कृत्य पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न करने का आश्वासन दिया.
राजस्थान में भी इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की तर्ज पर जयपुर के छात्रों और युवाओं ने भी यहां पर आंदोलन की शुरुआत कर दी है. यह अनिश्चितकालीन धरना जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर चल रहा है.
गुरुवार शाम से शुरू हुए इस धरने में सैकड़ो की संख्या में छात्र और युवा शामिल हैं. यह किसी संगठन की तरफ से नहीं है. इसमें शामिल लोगों का कहना है कि यहां का आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर के प्रदर्शन तक जारी रहेगा. जंतर मंतर की तरह यहां भी इकट्ठा हुए लोग मीडिया के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और उन्हें कवरेज से रोक रहे हैं.
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर RSS नेता का बयान
जम्मू-कश्मीर में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध पर RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, “मैं वहां आने वाले युवाओं से कहना चाहता हूं कि एक बात साफ नजर आ गई होगी कि इन आंदोलनों के पीछे देश की और विश्व की वो ताकतें हैं. जो चाहती हैं कि भारत विकसित भारत ना बने, समर्थ भारत ना बने, शिक्षित भारत ना बने.”
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर CM रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया, कही दी ये बड़ी बात!