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ट्रेन पकड़ने जा रही महिला को बेंगलुरु के ट्रैफिक ने रुलाया, बोली- जैसे जान बचाने के लिए भाग रहे हैं | Woman Shares Bengaluru Traffic electronic city krishnapuram station Viral story



Viral Video: बेंगलुरु जैसे ही IT इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है, वैसे ही वह दिल्ली-NCR की तरह भारी ट्रैफिक जाम के लिए भी बदनाम है. अक्सर बेंगलुरु की सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम के वीडियो और तस्वीरें आती रहती हैं. हाल ही में एक महिला ने बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है. महिला ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके बताया कि बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम ने उसे रुला दिया. 19 किमी की दूरी तय करने में उसे 3 घंटे लग गए. 

महिला की 7 बजे थी ट्रेन

इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके शिल्पा ने लिखा कि आप अपने शहर की शिकायत करते हैं, लेकिन आप शहर से प्यार भी करते हैं. उसने बेंगलुरु के पीक ऑवर और बारिश के बीच बेंगलुरु के ट्रैफिक का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग बेंगलुरु में पीक ट्रैफिक के समय लंबी दूरी तय करते हैं, उन लोगों की बहुत इज्जत करती हूं. शिल्पा ने बताया कि केरल के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए निकली थी. कृष्णराजपुरम  स्टेशन से उनकी ट्रेन 7 बजे थी. 

इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई. शिल्पा के अनुसार, काफी समय बाद वह शाम 5 बजे से 8 बजे के बीच यानी पीक ट्रैफिक के समय ORR रोड पर सफर कर रही थीं.

कृष्णराजपुरम स्टेशन पहुंचने में लगे 3 घंटे

वह करीब 5 बजे अपने घर से निकल गई, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सिटी से कृष्णराजपुरम स्टेशन पहुंचने में उन्हें 3 घंटे से ज्यादा समय लग गया. इलेक्ट्रॉनिक सिटी से कृष्णराजपुरम स्टेशन के बीच की दूरी 19 किमी है. यानी 3 घंटे में 19 किमी की दूरी तय की. 

बारिश और ट्रैफिक जाम के बीच एक समय शिल्पा को लगा कि अब तो ट्रेन छूट जाएगी. अब वापस ही लौटना पड़ेगा. पर ट्रेन भी 2 घंटे लेट चल रही थी. जिसके कारण वह वापस नहीं लौटीं. शिल्पा ने बताया कि किसी तरह मैं स्टेशन पहुंची. कैब से उतर ही रही थी कि तभी प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ट्रेन आने का अनाउंसमेंट हुआ. हम अपने सूटकेस लेकर सीढ़ियों पर भाग रहे थे. जैसे अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हों. 

हुआ 17 बार ब्रेकडाउन

शिल्पा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “ट्रेन पकड़ने के लिए जाते समय 17 बार इमोशनल ब्रेकडाउन हुआ. एक समय तो मैंने मान ही लिया था कि ट्रेन छूट गई है और बैंगलोर जीत गया है. लेकिन किसी तरह मैं पहुंच गई. खैर, इतनी निराशा, घबराहट और ज़िंदगी के अजीब फैसलों के बाद भी बेंगलुरु, मैं तुमसे अब भी प्यार करता हूं.” 

बेंगलुरु की महिला ने बताया कि यह सफर मेरे लिए बहुत जरूरी थी, क्योंकि अगर नहीं जाते तो अगले 3 दिनों तक वीकेंड होने की वजह से केरल के लिए दूसरा टिकट मिलना नामुमकिन था. जब ट्रेन में बैठ गई तो जाकर चैन की सांस ली. शिल्पा ने कहा कि उन लोगों के लिए बहुत सम्मान है जो ऐसा रेगुलर करते हैं, क्योंकि सच कहूं तो मैं ऐसा रोज़ नहीं कर सकती. मैं हमेशा ऐसी जगह रहने की कोशिश करती हूं जो ऑफ़िस के आस-पास हो, जैसे कम से कम पांच किलोमीटर के दायरे में हो.

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