खबर

जेलेंस्की के खिलाफ यूक्रेन में क्यों होने लगे प्रदर्शन, रूस युद्ध के बाद पहली बार गुटों में बंटी सेना | protests against zelenskyy first time since russia war ukraine army divided into factions



रूस युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के खिलाफ जनता और सेना बंट गई है. ये सब कुछ यूक्रेन के रक्षा मंत्री को हटाए जाने के बाद हुआ है. यूक्रेन के लोकप्रिय रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को उनकी नियुक्ति के सिर्फ छह महीने बाद ही हटाए जाने के कारण बृहस्पतिवार को देश भर के शहरों में युद्ध के दौरान दुर्लभ विरोध प्रदर्शन हुए. कीव के ही प्रदर्शन में फेडोरोव का समर्थन करने के लिए आए सैकड़ों यूक्रेनी लोगों में ज्यादातर 30 साल से कम उम्र के पुरुष और महिलाएं थीं. ये सभी फेडरोव को हटाने का विरोध कर रहे थे.

यही नहीं कुछ सैन्य अधिकारियों ने भी फेडोरोव का समर्थन किया है, जैसे कि मिखाइलो ड्रापाटी. वे एक लोकप्रिय कमांडर थे, जो 2024 से 2025 तक जमीनी सेना के प्रमुख रहे, लेकिन बाद में सिरस्की ने उनका पद घटा दिया था. यूक्रेन की वायु सेना के डिप्टी कमांडर पावलो येलिजारोव ने कहा कि फेडोरोव को हटाए जाने के विरोध में वे अपना पद छोड़ रहे हैं. येलिजारोव को फेडोरोव ने रूसी ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए नियुक्त किया था.

क्यों हटाए गए फेडोरोव

35 साल के टेक-सेवी फेडोरोव, जेलेंस्की की सभी सरकारों में पद संभालने वाले आखिरी मंत्री हैं. वो 2019 में जेलेंस्की के चुने जाने के बाद से ही उनके करीबी रहे हैं. लेकिन रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों में बड़े बदलाव लाने की उनकी कोशिशों से सशस्त्र बलों के प्रमुख ओलेक्जेंडर सिरस्की के साथ तनाव पैदा हो गया, और वह अनिवार्य सैन्य सेवा से जुड़ी पुरानी समस्याओं को हल करने में नाकाम रहे.

रक्षा मंत्री ने खुद बताई वजह

हटाए जाने पर आज फेडोरोव ने कहा, “हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए, जहां हमारे सभी प्रस्ताव रोक दिए गए. उन्होंने सिरस्की पर सेना में झूठ, खराब तरीके से संगठित यूनिट्स और व्यक्तिगत जिम्मेदारी की कमी वाले खराब कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “रूस को अलग तरह से हराने का तरीका खोजने के बजाय… उन्होंने देश को बांटने का तरीका खोज लिया है.” यह प्रेस कॉन्फ्रेंस तब हुई जब सांसद नई कैबिनेट के गठन पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे थे.

हमले के बाद, सिरस्की ने एक छोटा बयान जारी किया जिसमें उन्होंने रक्षा मंत्री के तौर पर फेडोरोव के काम के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि यूक्रेन को युद्ध पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने फेडोरोव की तीखी टिप्पणियों के मुख्य मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की. वहीं फेडोरोव ने कहा कि युद्ध पूरी तरह से बदल गया है और ड्रोन तेजी से बदलाव ला रहे हैं. 60 साल के सिरस्की सोवियत दौर में प्रशिक्षित कमांडर हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में मॉस्को में अपनी सैन्य शिक्षा पूरी की थी. यह पहली बार है जब यह तनाव सबके सामने आया है.

यूक्रेन को मिला नया प्रधानमंत्री

वहीं इन विवादों के बीच यूक्रेन की संसद ने देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर टॉप एनर्जी एग्जीक्यूटिव सर्गी कोरेत्स्की को मंजूरी दी है. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की द्वारा घोषित बड़े फेरबदल में नियुक्त किए गए वे युद्ध के समय सरकार के तीसरे प्रमुख हैं. पेशे से इंजीनियर और अर्थशास्त्री, 48 वर्षीय कोरेत्स्की ने पहले कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला है और किसी भी राजनीतिक दल से उनका कोई संबंध नहीं है. जानकारों का मानना ​​है कि यह उनके लिए फायदेमंद हो सकता है. कोरेत्स्की एक सम्मानित सीनियर एनर्जी एग्जीक्यूटिव हैं, जिन्हें तेल उत्पादन और रिफाइनिंग, एनर्जी रिटेल, होलसेल मैनेजमेंट और इंटरनेशनल फाइनेंसिंग में 20 से ज्यादा वर्षों का अनुभव है.

यह भी पढ़ें-

होर्मुज के बाद लाल सागर भी बंद हो गया तो क्या होगा? ईरान ने हूतियों को भेजा खतरनाक मैसेज

अमेरिका आज 65 देशों के साथ करेगा आतंकवाद के ‘3 चेहरों’ पर महत्वपूर्ण मीटिंग, भारत ने भी खोल रखा है मोर्चा




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button