

राजस्थान के कई जिलों में बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई की है. एसीबी ने डूंगरपुर से लेकर भीलवाड़ा, जयपुर और उदयपुर में रिश्वतखोरों के खिलाफ एक्शन लिया है. डूंगरपुर में ग्राम विकास अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुआ तो भीलवाड़ा में एक संस्थापन अधिकारी की गिरफ्तारी हुई है. अब जयपुर में भी एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा है, जबकि उदयपुर में कॉन्स्टेबल रिश्वत की रकम लेने के बाद फरार हो गया है.
3 हजार की रिश्वत लेने के फरार कॉन्स्टेबल
एसीबी के मुताबिक, शिकायत मिली कि उदयपुर के गोवर्धन विलास थाने में परिवादी के खिलाफ मारपीट से जुड़ी शिकायत दर्ज हुई थी. जिसमें कार्रवाई नहीं करने की एवजह में थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार मीणा ने 3000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है. शिकायत का सत्यापन होने के बाद आज पुलिस कॉन्स्टेबल को पकड़ने की कार्रवाई की गई.
एसीबी की टीम ने जैसे ही रिश्वत की रकम लेते हुए कॉन्स्टेबल को पकड़ने की कोशिश की तो वह हाईवे पर ट्रैफिक का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल से फरार हो गया. फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी की तलाश कर रही है.
जयपुर में एक कॉन्स्टेबल 20 हजार के घूस के साथ गिरफ्तार
वहीं, जयपुर में एक पुलिस कॉन्स्टेबल 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हो गया है. एसीबी ने बताया कि शिकायत मिली कि जयपुर के मुहाना थाने के कॉन्स्टेबल नोरत मीणा और सुरेश चौधरी का एक मामले में 50 हजार रुपये की मांग कर रहा है. जानकारी के मुताबिक, परिवादी के खिलाफ पड़ोसी दुकानदार की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में कोई कार्रवाई नहीं करने और मुहाना मंडी स्थित उसकी फल और सब्जी की दुकान का सामान नहीं उठाने व दुकान सुचारू रूप से चलने देने के लिए 50 हजार रुपये घूस मांगा जा रहा है.
इसके बाद 21 जून को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें परिवादी से 20 हजार रुपये रिश्वत में लिया जाना तय हुआ. अब आज कॉन्स्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. वहीं, कॉन्स्टेबल सुरेश चौधरी फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है.
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