

इस मीटिंग में चीन अपने भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करेगा. (फोटो-एनडीटीवी)
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष ‘सेंट्रल कमिटी’ सोमवार से बृहस्पतिवार तक बीजिंग में एक बंद कमरे में बैठक करने वाली है. यह बैठक 2027 के अंत में होने वाली पार्टी कांग्रेस (जो हर पांच साल में एक बार होती है) के लिए राजनीतिक दिशा तय करेगी, और इसमें अहम पदों पर नियुक्तियों या बदलावों पर भी चर्चा हो सकती है. इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है. समझिए, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का 26 से 29 अक्टूबर तक चलने वाला प्लेनम किस तरह काम करता है.
- यह पांचवीं बार है जब चीन की सेंट्रल कमिटी के लगभग 300 पूर्ण और वैकल्पिक सदस्य एक साथ जुटे हैं. यह कमिटी पार्टी के सबसे बड़े निर्णय लेने वाले निकायों में से एक है. 2022 की पार्टी कांग्रेस में शीर्ष नेता शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल पर मुहर लगी थी, जो कि एक नई परंपरा की शुरुआत थी.
- इस बैठक का आधिकारिक विषय पार्टी के भीतर अनुशासन को सख्त करना है, लेकिन इसमें अहम पदों पर नियुक्तियों और विवादों में घिरे पूर्व अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर भी प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है.
- जानकारी लीक होने से रोकने के लिए, बैठक में शामिल होने वाले सभी सदस्यों को पूरी अवधि के दौरान आयोजन स्थल के भीतर ही रहना पड़ता है.
- इस बैठक के खत्म होने तक, इसकी कार्यवाही के बारे में शायद ही कोई जानकारी सार्वजनिक की जाती है. विदेशी मीडिया और ज्यादातर चीनी पत्रकारों को यहां जाने की अनुमति नहीं होती है.
- बैठक खत्म होने के दिन, सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के एक बयान जारी करने की उम्मीद है. इसमें इस बात की जानकारी होगी कि किन चीजों पर सहमति बनी है, हालांकि इसमें अक्सर पार्टी की ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल होता है जिसे समझना आम लोगों के लिए मुश्किल होता है.
- पार्टी में एकता दिखाने के लिए, वरिष्ठ नेतृत्व के बीच किसी भी तरह के मतभेद का जिक्र शायद ही किया जाएगा.
- आमतौर पर, कुछ दिनों बाद एक ज्यादा विस्तृत दस्तावेज जारी किया जाता है.
- .पिछली बैठकें पश्चिमी बीजिंग के ‘जिंग्क्सी होटल’ में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई थीं. यह होटल सोवियत दौर का है. इस साल की बैठक कहां होगी, इसकी घोषणा अभी तक नहीं की गई है.
- बैठक का माहौल उसके एजेंडे के आधार पर काफी अलग-अलग हो सकता है. 1978 में देंग ज़ियाओपिंग की देखरेख में हुई एक अहम बैठक ने चीन में आर्थिक सुधारों की शुरुआत की थी. इसी के ज़रिए चीन एक पिछड़े और केंद्रीय योजना पर चलने वाले देश से बदलकर एक आर्थिक महाशक्ति बन गया.
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