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गुरुग्राम में 50% वर्क फ्रॉम होम नियम तोड़ने पर दो बड़ी लॉ फर्मों को नोटिस; 24 घंटे में देना होगा जवाब | Delhi NCR Air pollution gurugram notice to law firms over work from home rule violation Private office SDM Raid WFM Rule CAQM Act AQI



गुरुग्राम:

दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब होती हवा (AQI) के बीच प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. गुरुग्राम में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम (WFH) नियम का पालन नहीं करने के आरोप में दो प्रमुख लॉ फर्मों (ट्राइलीगल और जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. एसडीएम बादशाहपुर की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान दोनों कार्यालयों में निर्धारित सीमा से अधिक कर्मचारियों की मौजूदगी पाई. प्रशासन ने कंपनियों से 24 घंटे के भीतर जवाब और संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है.

कहां और कैसे हुआ एक्शन?

जिला प्रशासन की ओर से NDTV को प्राप्त जानकारी के मुताबिक सेक्टर-42 स्थित गोदरेज जीसीआर परिसर में संचालित ट्राइलीगल और जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स के कार्यालयों का 5 नवंबर को निरीक्षण किया गया था. जांच के दौरान दोनों संस्थानों में निर्धारित सीमा से अधिक कर्मचारी कार्यालय में कार्य करते मिले. प्रशासन ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत 50 फीसदी कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने की अनुमति है. निरीक्षण के दौरान इस नियम के पालन में कथित कमी मिलने के बाद दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

तय सीमा से अधिक कर्मचारी मिले

नोटिस के अनुसार, जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स में कुल 117 कर्मचारी कार्यरत हैं. निरीक्षण के समय करीब 87 कर्मचारी कार्यालय में मौजूद पाए गए. जबकि नियमों के मुताबिक एक समय में लगभग 58 कर्मचारियों को ही कार्यालय में काम करने की अनुमति थी.

इसी तरह ट्राइलीगल में कुल 262 कर्मचारियों की संख्या दर्ज है. निरीक्षण के दौरान यहां करीब 160 कर्मचारी मौजूद मिले. जबकि लागू नियमों के अनुसार केवल लगभग 131 कर्मचारियों को ही कार्यालय में रहने की अनुमति थी.

प्रशासन का कहना है कि दोनों संस्थानों में कर्मचारियों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई, जो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकती है.

पहली बार ऐसा एक्शन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से कर्मचारी और स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की शिकायत कर रहे हैं जहां वर्क फ्रॉम होम नियमों का पालन नहीं हो रहा. कई शिकायतों में जिला प्रशासन और डीसी को भी टैग किया गया है. इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रशासन की टीमें विभिन्न कार्यालयों में औचक निरीक्षण कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि गुरुग्राम में कॉर्पोरेट संस्थानों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहली बार देखने को मिली है.

कंपनियों से मांगे गए रिकॉर्ड

एसडीएम बादशाहपुर की ओर से जारी नोटिस में दोनों संस्थानों को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. इसके साथ ही कई दस्तावेज भी मांगे गए हैं. प्रशासन ने कर्मचारियों की वास्तविक संख्या, निरीक्षण दिवस की बायोमेट्रिक और उपस्थिति रिपोर्ट, 50 फीसदी कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने का रोस्टर तथा वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारियों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता तो CAQM Act 2021 की धारा 14 के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

20 नवंबर तक लागू रहेगा WFH नियम

CAQM के निर्देशों के बाद गुरुग्राम के डीसी उत्तम सिंह ने 3 नवंबर को आदेश जारी किए थे. इसके तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर तक जिले के सभी निजी संस्थानों और कार्यालयों में अधिकतम 50 फीसदी कर्मचारियों को ही फिजिकल उपस्थिति की अनुमति दी गई है. शेष कर्मचारियों को घर से काम करना अनिवार्य किया गया है. डीसी ने निर्देश दिया है कि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए. इसके लिए अलग-अलग उपमंडलों में प्रशासनिक टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं.

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