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गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार को UP कैबिनेट की मंजूरी, मेरठ-मुजफ्फरनगर से अमरोहा-बिजनौर तक मौज, हरिद्वार तक सफर | Ganga Expressway Meerut Haridwar Link Upper Ganga Canal Expressway spur UP Cabinet Decisions Today


लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने पर मुहर लगी. इस पर करीब 10760 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यूपी कैबिनेट में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को बस में मुफ्त यात्रा की घोषणा शामिल है. इससे प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को फायदा होगा. पीएम मोदी ने 4 महीने पहले 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान मेरठ से हरिद्वार तक इसके विस्तार देने का ऐलान किया था. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा है. अब गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक 130 किमी लंबा छह लेन का लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा.

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के लिए प्रस्ताव के अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंज़ूरी दी गई है है. यूपी अपने खर्च से उत्तराखंड में आने वाला 30 किलोमीटर का पैच भी बनाएगा. बिजनौर से हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जाएगा। लगभग 100 किलोमीटर यूपी में और 30 किलोमीटर उत्तराखंड में आएगा. उत्तराखंड से एमओयू होगा और जितना टोल होगा, वो यूपी सरकार को मिलेगा.

गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार- मेरठ से हरिद्वार तक

इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को आगे आठ लेन का भी किया जा सकता है. एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को आज कैबिनेट में मंजूरी मिल गई. झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी आज हरी झंडी मिल गई, जो 106 किलोमीटर लंबा होगा और 7768 करोड़ रुपये इसकी लागत आ सकती है.इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट में स्वीकृति दी गई. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ. 

भरण-पोषण और संपत्ति से बेदखल करने का नियम

यूपी कैबिनेट ने मां-बा और 60 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन के भरण पोषण के लिए नया नियम बनाया गया है. माता पिता का सम्मान ना करने वाले बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर दिया जाएगा.टोल नंबर देकर मां-बाप को अपनी शिकायत दर्ज कराने और समाधान पाने की सुविधा दी जाएगी. 30 दिन में अगर बेटा बेटी माता पिता के बेदखली के आदेश को नहीं मानते हैं तो डीएम उन्हें एक महीने के भीतर संपत्ति से हटाने के लिए कार्रवाई करेंगे.

गंगा एक्सप्रेसवे लिंक रूट

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक एक्सटेंशन अमरोहा के ग्राम रिखालू से शुरू होगा. ये बिजनौर के रास्ते उत्तराखंड के हरिद्वार में नूरपुर पंजनहेड़ी गांव में निर्माणाधीन हरिद्वार बाईपास तक कनेक्ट होगा. इसका उत्तर प्रदेश में 117 किमी और 30 किमी उत्तराखंड की सीमा में होगा. अमरोहा, बिजनौर और हरिद्वार जैसे जिलों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.

गंगा एक्सप्रेसवे लिंक में 100 गांव आने की संभावना

गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से हरिद्वार लिंक के लिए अलाइनमेंट सर्वे और भूमि अधिग्रहण के लिए गजट अधिसूचना की प्रक्रिया अभी यूपीडा (UPEIDA) और NHAI के स्तर पर अंतिम चरण में है.मेरठ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का शुरुआती प्वाइंट बिजौली गांव से शुरू होगा. बिजौली, खड़कौदा, मवाना तहसील के गांव और हस्तिनापुर के कुछ पश्चिमी इलाके के गांव शामिल हैं. मुजफ्फरनगर, बिजनौर बॉर्डर में जानसठ तहसील के पूर्वी गांव, मीरापुर क्षेत्र और बिजनौर-मुजफ्फरनगर सीमा पर गंगा नदी के किनारे के गांव इसमें शामिल हो सकते हैं.

बिजनौर से उत्तराखंड बॉर्डर तक जाएगा

बिजनौर में मंडावर, नांगल सोती और कीरतपुर तहसील गांव यूपी-उत्तराखंड सीमा में चिड़ियापुर रेंज से जुड़ते हैं. हरिद्वार में लक्सर तहसील के गांव, रुड़की के बाहरी इलाके और हरिद्वार बाईपास में (बहादराबाद और ज्वालापुर के पास से से गुजरेगा. कैबिनेट मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण के लिए आखिरी गजट पास होते ही करीब 100 गांव के नाम राजस्व रिकॉर्ड में उपलब्ध होंगे. 

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे यूपी सरकार और यूपीडा का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. ये झांसी और आसपास के इलाके को सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ना है. इससे झांसी से दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, आगरा की यात्रा का समय घट जाएगा. ये 106 किमी का 6 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिस पर करीब 5001 करोड़ रुपये लागत आएगी. गरौठा, टहरौली, मोठ और झांसी सदर समेत 63 गांवों का लगभग 1232 हेक्टेयर क्षेत्र एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा.

Ganga Expressway Meerut Haridwar Link

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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को दिल्ली तक रफ्तार

पहले चरण में जालौन जिले के फूलपुरा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के प्वाइंट से शुरू होकर झांसी के पिपरा गांव तक निर्माण होगा. दूसरे चरण में पिपरा गांव से आगे झांसी शहर, रिंग रोड को कनेक्ट किया जाएगा. ये लिंक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिये आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. झांसी से दिल्ली, लखनऊ की यात्रा का समय 3 से 4 घंटे तक कम हो जाएगा. 

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