
पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में बेमौसम बारिश ने फसलों पर बुरा असर डाला है. नोएडा में भारी मात्रा में धान की फसलों की बर्बादी हुई है. पंजाब में धान और कपास की फसलें खराब हो गई हैं. इससे अनाज मंडियां पानी में डूब गई हैं और फसल की खरीद का काम भी रुक गया है, जबकि कटाई का मौसम अभी शुरू ही हुआ था. पंजाब में शनिवार सुबह 8:30 बजे से 24 घंटों के दौरान सामान्य से 477% ज्यादा बारिश हुई. यहां सामान्य 0.4 mm के मुकाबले 2.3 mm बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा बारिश फाजिल्का जिले में (28 mm) हुई, इसके बाद फरीदकोट (9 mm), मुक्तसर (7.7 mm), पठानकोट (3.9 mm), फिरोजपुर (2.4 mm) और बठिंडा (1.3 mm) का नंबर रहा. यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (जून-सितंबर) के सूखे रहने के बाद हुई है, जिसके दौरान राज्य में बारिश की 40% कमी रही थी. 10 अक्टूबर तक धान की सिर्फ 12% फसल की ही कटाई हो पाई थी.
ग्रेटर नोएडा में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी तहसील, जेवर और दनकौर क्षेत्र में मौसम की मार से धान की पककर तैयार खड़ी फसल खेतों में गिर गई. इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. किसानों के मुताबिक, धान की फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और लागत लगी है. कटाई से ठीक पहले तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसल जमीन पर बिछने से धान कम निकलने का डर सता रहा है. फसल गिरने से कटाई में भी परेशानी होती है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है.
किसानों का कहना है कि फसल तैयार होते वक्त मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है. अगर मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है. अब किसानों की निगाहें मौसम पर टिकी हैं. प्रभावित क्षेत्रों में फसल को हुए नुकसान का आकलन होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

फाजिल्का में रविवार सुबह तीन घंटे तक चले तूफान की वजह से अनाज की मुख्य मंडी में करीब तीन फीट पानी भर गया, जिससे धान के ढेर पानी में तैरने लगे. अपर्याप्त व्यवस्थाओं के विरोध में, एसोसिएशन ने रविवार को फाजिल्का-फिरोजपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया.
#WATCH | Punjab: Flooding at the grain market in Fazilka damages lakhs of quintals of grain stored here. The grain market was flooded following rainfall. (11.10.2026) https://t.co/T7U6Rx1rOX
— ANI (@ANI) October 12, 2026
हरियाणा के अंबाला में बारिश का पानी अनाज मंडी में भर गया, धान की बोरियां डूब गईं. किसानों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें नुकसान हुआ है.
#WATCH | Ambala, Haryana: Rainwater floods grain market, paddy sacks submerged, farmers allege losses due to officials’ negligence. (11.10) https://t.co/2Fdtm3LKxT
— ANI (@ANI) October 12, 2026
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किसान नरेश कुमार कहते हैं, “पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है, जिससे हमें बहुत नुकसान हुआ है. अनाज की इनमें से कई बोरियां मेरी हैं. आप अभी की हालत देख सकते हैं. यहां हमेशा बारिश होती है और पानी भर जाता है. अगर पानी निकल जाता, तो हालात इतने बुरे नहीं होते. हमें नुकसान उठाना पड़ा है. हमने 6 महीने तक फसल उगाई और नतीजा यह है. अब यह सब बेकार हो गया है. अनाज मंडी में हर जगह यही हाल है.”
#WATCH | Naresh Kumar, a farmer, says, “There is no outlet for the water to recede, which caused us a lot of damage. Several of these sacks (of grain) belong to me. You can see the condition now. It always rains and water always enters here; had it receded, things would not have been bad. We have suffered losses. We grew crops for 6 months, and this is the outcome. This is all a waste now. This is the situation across the grain market…” (11.10.2026)
— ANI (@ANI) October 12, 2026
हरियाणा में करनाल की अनाज मंडी में खुले में रखा अनाज बारिश से खराब हो गया.
#WATCH | Haryana: Rainfall damages grains kept in open at the grain market in Karnal. https://t.co/g32IAqEyIJ
— ANI (@ANI) October 12, 2026
रविवार को पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश के बाद खेतों में पराली जलाने की घटनाएं करीब खत्म हो गईं, जबकि उत्तर प्रदेश इस मामले में पंजाब से आगे निकल गया. मध्य प्रदेश में ऐसी घटनाओं की संख्या काफी ज्यादा दर्ज की गईं.
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