
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के कोसमी गांव में गरीब आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने, फसलें नष्ट करने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भरने का आरोप लगाया है. रविवार (11 अक्टूबर) को कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे.
कोसमी गांव शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत आता है. जब शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब वह बुधनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते थे. गांव में वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं.
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शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इस तरह की कार्रवाई करने की कोशिश की थी. उस समय शिवराज ने अधिकारियों से बातचीत कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद रविवार को दोबारा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है.
मुख्य सचिव को फोन कर दर्ज कराई आपत्ति
शिवराज सिंह चौहान ने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन किया और पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने इस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई. इसके अलावा उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी.
बयान के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
नए घर बनवाने और खाने-पीने की व्यवस्था का भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को राहत देने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा, “जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे. साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.”
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में केवल लोगों के घर ही नहीं टूटे, बल्कि उनकी आजीविका पर भी चोट पहुंची है. फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने के आरोपों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई. मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए.
उमंग सिंघार ने शिवराज और मोहन यादव पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस पूरे प्रकरण को शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच आपसी खींचतान से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसका खामियाजा गांव के गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है.
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कोसमी गांव में हुई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, “मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार.”
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सिंघार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र सीहोर के ग्राम कोसमी में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की जा रही हैं और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार की आपसी खींचतान के कारण गरीब आदिवासी परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है.”
