
मध्य प्रदेश के सागर जिले की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने और पात्र हितधारकों तक शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंचाने के मामले बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है.
कलेक्टर ने सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने और उदासीनता पाए जाने पर जिले के 13 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इसके अलावा कर्तव्य निर्वहन में ढिलाई बरतने वाले 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज नोटिस) जारी कर जवाब मांगा गया है.
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योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कार्रवाई
राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा संबंध आम जनता से जुड़ा होता है और इन योजनाओं के कार्य सही समय पर न होने और लोगों तक न पहुंचने से आम जनता को इसका लाभ मिलने में परेशानी आती है. इसी संबंध में सागर की कलेक्टर ने एक समीक्षा बैठक 8 अक्टूबर को की थी. इससे पहले 28 सितंबर 2026 को भी उन्होंने एक साप्ताहिक समय-सीमा समीक्षा बैठक की थी और अफसरों को काम करने में देरी को लेकर फटकार लगाई थी.
अफसरों को सख्त चेतावनी
समीक्षा बैठकों और मैदानी स्तर पर सामने आई अनियमितताओं तथा लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने संबंधित पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी एवं हितग्राही मूलक योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कौन-कौन से पटवारियों को किया गया निलंबित?
शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और उदासीनता बरतने पर जिन पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है, उनमें कई तहसील के पटवारी शामिल हैं. कलेक्टर ने मीना खैरवार (ग्राम मोठी, तहसील सागर ग्रामीण), लक्ष्मी जाटव (ग्राम भौंहारी, तहसील सागर ग्रामीण), गढ़ाकोटा तहसील से अखिलेश दीक्षित (बमनोदा), केसली तहसील से राजकुमार गौड़ व परिवीक्षाधीन पटवारी भूपेन्द्र राज, खुरई तहसील के विनायठा राजस्व निरीक्षक मंडल से अजय श्रीवास्तव, खिमलासा मंडल से गोविन्द राय, मालथौन तहसील से पुष्पेन्द्र भदौरिया और महेन्द्र अर्गल, बांदरी तहसील से परिवीक्षाधीन पटवारी योगेन्द्र प्रताप तथा बंडा तहसील से दिलीप राजा और अभिषेक कोरी (सिंगरावन) को निलंबित गया है.
कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद से राजस्व अमले में हड़कंप की स्थिति बन गई है. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर आगे भी जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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