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सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार, बेटे मल्हार पाटेकर ने बताई वजह  | Nana Patekar final rites were held after sunset reason explains son Malhar Patekar  



दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर बीती रात पंचतत्व में विलीन हो गए. उन्हें बेटे मल्हार ने रात 11 बजकर 28 मिनट पर मुखाग्नि दी. लेकिन फैंस के बीच यह सवाल है कि आखिर नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार रात में क्यों किया गया क्योंकि परंपरा के अनुसार, सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है. हालांकि इसकी वजह दिवंगत एक्टर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताई. अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था, और लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया. उन्होंने यह भी बताया कि अभिनेता का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए पार्थिव शरीर को ज्यादा देर तक रखना ठीक नहीं था. 

मल्हार पाटेकर ने बताई वजह

मल्हार पाटेकर ने मीडिया से कहा, “हम गोवा में थे और उनका पार्थिव शरीर गांव के फार्महाउस पर लाया जाना था. हमें उम्मीद थी कि हम जल्दी पहुंच जाएंगे लेकिन हमें कुछ समय लग गया. उनका निधन सुबह जल्दी हुआ था, इसलिए काफी समय बीत चुका था और पार्थिव शरीर को ज्यादा देर तक रखना ठीक नहीं था. इसलिए, हमें सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार करना पड़ा.”

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पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर

गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अभिनेता का अंतिम संस्कार किया गया. एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया. उन्होंने दिवंगत अभिनेता की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते, वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं. वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए. वे वैश्विक स्तर पर सोचते थे. हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है. हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहाँ अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं.”

पिता के अधूरे काम को पूरा करेंगे मल्हार

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं जो इसके हकदार थे. उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे. और, वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो. मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं, वे पूरे हों. लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे, दोनों के सपने हैं, और मैं यह पक्का करूंगा कि यह काम हो.” 

नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देने पहुंचे सेलेब्स 

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग, जिनमें जैकी श्रॉफ़, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला शामिल थे, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे. इतना ही नहीं इस दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी जमा हुई. जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया.  एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की. हालांकि, बाद में उन्हें अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया.  

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