
नई दिल्ली:
उद्धव ठाकरे सेना में बड़ी टूट तय होती दिख रही है. संसद भवन में 11 बजे बुलाई गई मीटिंग में अब तक तीन ही लोकसभा सांसद पहुंचे हैं और एक राज्यसभा सांसद मौजूद हैं. इस तरह लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद गायब हैं और यदि इन सभी की बगावत बनी रही तो फिर पार्टी टूट जाएगी. पार्टी से अलग होकर नए गुट के तौर पर मान्यता हासिल करने के लिए दो तिहाई संख्या जरूरी है. ऐसे में 9 सांसदों में से यदि 6 बागी हुए तो फिर उद्धव ठाकरे की राजनीतिक मशाल फिर से संकट में होगी. उद्धव सेना के नेता संजय राउत से जब इस संबंध में सवाल पूछा गया तो वह भड़क गए.
संजय राउत ने कहा कि जो मीटिंग आएंगे, वह हमारे हैं. जो नहीं आएंगे, वह गद्दार और बेईमान हैं. इससे पहले संजय राउत का कहना था कि एक-एक सांसद को 50 करोड़ रुपये में खरीदने की कोशिश की जा रही है. खबर है कि उद्धव सेना के बागी सांसदों के साथ एकनाथ शिंदे की ऑनलाइन बैठक हुई थी. सूत्रों के मुताबिक लगभग 30 से 35 मिनट तक चर्चा हुई. इस दौरान बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे सेना के साथ आने पर सहमति जताई, लेकिन डर भी जताया कि कैसे उनकी सदस्यता खतरे में आ सकती है.
इस पर एकनाथ शिंदे ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कोई समस्या नहीं होगी और यदि बागियों की संख्या 6 बनी रही तो फिर सदस्यता पर किसी तरह का संकट नहीं होगा. सूत्र का कहना है कि बैठक कानूनी दिक्कतों के बारे में थी, जिसमें एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि कोई भी समस्या नहीं होगी. गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे ने भी 2022 में जून महीने में बगावत की थी और महाराष्ट्र के सीएम बन गए थे. अब फिर से ऐसी ही स्थिति बन रही है, जब उद्धव ठाकरे को पार्टी में टूट का सामना करना होगा.
बैठक में ना पहुंचे वाले बागियों में ये 6 सांसद…
1. संजय जाधव
2. संजय देशमुख
3. ओमराजे निंबालकर
4. भाऊसाहेब वाकचौरे
5. संजय दीना पाटील
6. नागेश आष्टीकर
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डॉ. सूर्यप्रकाश
Deputy Editor
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