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WhatsApp-Telegram के नए फीचर पर सरकार की नजर, 20 दिन में आ सकता है बड़ा फैसला | Centre Reviews WhatsApp and Telegram Replies on Username Messaging Feature



केंद्र सरकार व्हाट्सएप (WhatsApp) और टेलीग्राम (Telegram) से मिले उन जवाबों की बारीकी से जांच कर रही है जो उन्होंने अपने यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर दिए हैं. इस मामले में अगले 20 दिनों के भीतर कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों ने पुष्टि की है कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम और जोहो भारत आई (Zoho Bharat Eye) ने सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है. अब एक कानूनी टीम इन जवाबों की जांच कर रही है ताकि यह देखा जा सके कि क्या इसमें नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है और क्या कार्रवाई या प्रतिबंध लगाने के लिए किसी कानूनी धारा का इस्तेमाल किया जा सकता है.

कानूनी जांच जारी

सोमवार को साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी होने के मौके पर, आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि मंत्रालय को पिछले हफ्ते व्हाट्सएप का जवाब मिल गया है और आगे का कदम तय करने से पहले इसकी समीक्षा की जा रही है. एस. कृष्णन ने कहा, ‘जवाब पिछले हफ्ते मिल गया था. हम इस जवाब की जांच कर रहे हैं और इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.’

सरकार ने साफ किया है कि नियमों का जो भी ढांचा तैयार होगा, वह सभी प्लेटफॉर्म्स पर समान रूप से लागू होगा.

सरकार की चिंता की वजह क्या है?

आईटी मंत्रालय ने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल को नोटिस जारी कर चिंता जताई थी कि यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग यानी जिसमें बिना फोन नंबर बताए चैट की जा सकती है, की वजह से धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, फिशिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम बढ़ सकते हैं. दूसरी तरफ, व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने पहले कहा था कि उनका ऐप मुख्य रूप से एक निजी मैसेजिंग सेवा है जिसका इस्तेमाल दोस्तों और परिवार से जुड़ने के लिए किया जाता है.

अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा था?

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले एक बातचीत में बताया था कि इस मामले पर अगले 20 दिनों के भीतर नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है. फिलहाल सरकार का ध्यान इस मामले के केवल नीतिगत पहलू पर नहीं, बल्कि इसके कानूनी प्रभावों की समीक्षा पर है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब सरकार सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए एक जैसे नियम लागू करने और ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल को रोकने की कोशिश कर रही है. कानूनी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

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