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Tiger Shroff Attack Case: तीनों आरोपियों को कोर्ट ने भेजा जेल, 31 अक्टूबर तक रहेंगे हिरासत में | Tiger Shroff Attack Case Court sends all three accused to jail; they will remain in custody until October 31



टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार तीनों शूटर्स को 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. मुंबई की किला कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर बाहर निकली. अब पुलिस कस्टडी के दौरान तीनों आरोपियों से फायरिंग मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी.

इधर, टाइगर श्रॉफ की कार से जुड़ी फायरिंग केस में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हथियारों की सप्लाई करने और हमलावरों को भागने में मदद करने का आरोप है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (एनडीआर यूनिट) ने मंगलवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले कुणाल (21) और सुमित (19), उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा (23) और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली बबीता (23) के रूप में हुई है.

जांच में अमृतसर से मुंबई तक पिस्तौल और कारतूस की कथित आवाजाही, हथियार पहुंचाने में बिचौलियों की भूमिका और घटना के बाद हमलावरों को शहर से बाहर निकलने में मदद करने के कथित प्रयासों की पड़ताल की जा रही है. पुलिस के अनुसार, जांच टीम हथियार लाने-ले जाने में इन चारों की कथित भूमिका की जांच कर रही है. कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था. बताया जाता है कि वह एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से मिला था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत बातचीत शुरू की. पुलिस का आरोप है कि अनिल पंडित के कहने पर कुणाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था. बताया जाता है कि सुमित भी यात्रा के दौरान उसके साथ था. पुलिस के अनुसार, घटना से करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई थी. उसने कथित तौर पर राधा को अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और बाद में उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए राजी कर लिया.

15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले गया. पिस्तौल कथित तौर पर राधा के बैग में रखी गई थी. 17 अक्टूबर को राधा और बबीता दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे, एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से वह बैग ले गया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इसके बाद बैग किसे मिला और फायरिंग की घटना में उस हथियार का इस्तेमाल कैसे किया गया. गोलीबारी की घटना 18 अक्टूबर की शाम को हुई थी. दिल्ली पुलिस के अनुसार, इसके बाद अनिल पंडित ने कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंसे हुए हैं और कथित तौर पर उनसे वहां से निकलने का इंतजाम करने को कहा.

उसी दिन, राधा और बबीता कथित तौर पर हरिद्वार एक्सप्रेस से दादर से दिल्ली के लिए रवाना हुईं. इन महिलाओं को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया, जबकि कुणाल और सुमित को सोनीपत में हिरासत में लिया गया. गोलीबारी की घटना के बाद आरोपी कथित तौर पर गुजरात के सूरत भाग गए, जहां से वे जयपुर जाने वाली एक ट्रेन में सवार हुए. उनकी योजना कथित तौर पर बस से नई दिल्ली आने और फिर वहां से नेपाल भाग जाने की थी. मुंबई पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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