
Success Story: अनपढ़ होने का दंश, पूंजी का अभाव और साहूकारों के भारी ब्याज का डर गाजियाबाद के में रहने वाले 48 साल के अरुण साहू की सफलता में सबसे बड़ा रोड़ा था. लेकिन, कभी रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष करने वाले इस मेहनती शख्स ने ₹10,000 के शुरुआती सरकारी लोन से अपनी सफलता की कहानी गढ़ी और यह सब हुआ प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना से. दरअसल, अरुण साहू को पढ़ना-लिखना नहीं आता है, ऐसे में कोई अच्छी नौकरी कर पाना उनके लिए संभव नहीं था. वे एक ठेले पर चाय की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठा रहे थे. लेकिन, इनकम कम थी. ऐसे में उन्होंने PM SVANidhi योजना से लोन लिया और अपनी चाय की दुकान का विस्तार किया. अब इस दुकान से वे सामान्य जीवन जीते हुए अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं. इस दुकान से होने वाली इनकम से उन्होंने दो बेटियों और एक बेटे की शादी भी की है.
पीएम मोदी की योजना ने बदल दी जिंदगी

pm svanidhi yojana: गाजियाबाद के अरुण साहू की सफलता की कहानी. अब इस तरह दुकान चला रहे अरुण.
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कभी परिवार पालना भी मुश्किल था अब
गाजियाबाद के शहीद नगर में रहने वाले 48 साल के अरुण साहू वसुंधरा सेक्टर-15 इंडियन बैंक के पास गुप्ता टी स्टॉल नाम से दुकान चलाते हैं. साल 2015 में उन्होंने एक ठेले पर चाय बेचना शुरू किया, माली हालत ठीक नहीं थी, इस कारण ज्यादा कुछ सामान नहीं रख पा रहे थे. इससे इनकम भी कम थी, हालात ये थे कि परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा था. लेकिन, उसी के सहारे जिंदगी गुजर रही थी. कभी इतना पैसा नहीं हो पाया कि दुकान का विस्तार कर लिया जाए, जिससे इनकम बढ़ सके. ऐसे ही पांच साल गुजर रहे. साल 2020 आया और साथ में लगाया कोरोना जैसे महामारी. 25 मार्च 2020 को देश में लॉकडाउन हो गया, यानी अरुण की इनकम का एकमात्र सहरा का ठेला बंद हो गया. ये उनके लिए बहुत बड़ा झटका था. अब पढ़िए अरुण की कहानी उन्हीं की जबानी.
कोरोना काल में खराब हो गए थे हालात

गाजियाबाद के अरुण साहू को मिला पीएम स्वनिधि योजना का प्रमाण पत्र.
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पीएम स्वनिधि योजना लाभ कैसे मिला?
अरुण कहते हैं- मैं लोन लेने की कवायद में जुटा था, 2021 में गाजियाबाद नगर निगम की टीम खुद मेरे चाय के ठेले पर आई और प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना का लाभ लेने को कहा. मैंने तुरंत हां कर दी, करीब एक महीने बाद मेरी कार्ड बन गया. साथ ही प्रधानमंत्री का एक पत्र भी मिला. योजना के तहत पहली बार में मुझे 10 हजार रुपये लोन मिला, जिससे मैंने दुकान के लिए कुछ सामान खरीदा. यह लोन चुकाने के बाद 20 हजार रुपये मिले जिससे मैंने एक दुकान बनवाई. इसी तरह फिर 50 हजार और 1 लाख रुपये का लोन लेकर अपनी दुकान को बढ़ाया. इससे मेरी इनकम भी बढ़ने लगी.
PM SVANidhi योजना कैसे सहारा बनी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया पत्र.
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अब तक कितने लोगों को मिला?
इस योजना को 6 साल पूरे हो गए हैं, अब तक योजना के तहत 1.16 करोड़ से अधिक लोगों के आवेदन मंजूर किए गए हैं. जिनमें से 1.14 करोड़ लोगों के खाते में पैसा भेजा जा चुका है. अब तक 18,222 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है. 61 लाख से अधिक लोगों ने लिया हुआ लोन चुका दिया है.





