खबर

SIR पर सवाल, अब हिंदू वोट कटने पर बवाल… यूपी में BJP के निशाने पर मुस्लिम BLO! | UP SIR Muslim BLO Who Removed Hindu Voters in Bareilly suspended



बरेली:

उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है. चुनाव से पहले बिहार, बंगाल सहित अन्य राज्यों की तरह यहां भी मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) किया गया. यूं तो SIR की प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दल चुनाव आयोग पर हमलावर रहते थे. लेकिन कुछ दिनों से यूपी में भाजपा नेता खुद SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण बीते दिनों सीएम  योगी आदित्यनाथ के बयान से सामने आया. बीजेपी की कार्य समिति बैठक में मुख्यमंत्री ने 1.27 करोड़ हिंदू वोटरों का नाम कटने वाला बयान दिया. 

सीएम योगी के बयान से छिड़ी नई चर्चा

CM योगी के इस बयान से पूरे प्रदेश में हिंदू वोटरों को लेकर एक नई चर्चा छिड़ गई है. अब बीजेपी के प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी ने बरेली के मामले का जिक्र करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में वोट जिहाद चलाया जा रहा है. जहां मुस्लिम BLO मुस्लिम ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर हिंदू वोटरों के नाम काट रहे हैं.

बरेली में 26 हिंदू वोटरों का नाम गलत तरीक से काटने का आरोप

उन्होंने कहा कि बरेली में मोहम्मद नफीस नाम का BLO ग्राम प्रधान से मिलकर हिंदू 26 वोटरों के नाम गलत तरीके से कटवाए हैं. हो सकता है कि बहुत से नफीस खान जैसे लोग वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया में हो. ऐसे कई प्रकरणों की जांच करनी चाहिए अब हमें ऐसे पर भरोसा नहीं. मामले की शिकायत के बाद आरोपी BLO को सस्पेंड कर दिया गया है. 

बरेली के शेरगढ़ ब्लॉक के मोहम्मदपुर का मामला

बरेली के शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर का है. यहां के ग्राम प्रधान राहुल गंगवार ने इस संबंध में IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव में BLO नफीस मोहम्मद खां की जिम्मेदारी संभाल रहे सहायक अध्यापक नफीस मोहम्मद खां ने सांप्रदायिक द्वेष के चलते हिंदू समुदाय के 26 लोगों के नाम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से कटवा दिए.

पूर्व प्रधान से पैसे लेकर नाम हटाने का आरोप

प्रधान की शिकायत के बाद गांव के कई अन्य लोगों ने भी इस मामले में आवाज उठाई. वेद प्रकाश, हेमकली, ललिता देवी, राकेश और ढाकन लाल समेत कई ग्रामीणों ने शपथ पत्र देकर अपने नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत की. शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीएलओ ने पूर्व प्रधान रेहान खां से पैसे लेकर हिंदू मतदाताओं के नाम सूची से हटाए थे.

जांच में दोषी मिले BLO, किए गए सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. कमेटी ने शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच की. जांच के दौरान बीएलओ नफीस मोहम्मद खां 26 मतदाताओं के नाम काटे जाने के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे सके. इसके बाद जांच कमेटी ने उन्हें प्रथम दृष्टया गलत तरीके से नाम हटाने का दोषी माना. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए डॉ. विनिता ने सहायक अध्यापक नफीस मोहम्मद खां को निलंबित कर दिया.

मामलों की ठीक से जांच और दोषी पर कार्रवाई की मांग

भाजपा प्रक्ता ने आगे कहा कि चुनाव आयोग से अपील है, ऐसे सभी मामलों की ठीक से जांच हो और दोषी पर कार्रवाई हो. भाजपा के इस आरोप पर सपा की ओर से कहा गया कि BJP के 19-20 वोट कहीं कट गए हैं, उसे वोट जिहाद कह रही है. सवाल ये नहीं है, ये गलती चुनाव आयोग की है कि चुनाव आयोग अपने बीएलओ की निगरानी नहीं कर रहा है. तेरह हजार वोट पीलीभीत में कटे गए तो उसे क्या कहा जाए? एयर स्ट्राइक कहा जाए?

शुद्ध मतदाता सूची बनाए, धर्म का एंगल ना जोड़े: सपा

सपा नेता ने आगे कहा कि सवाल वोट का हिंदू-मुस्लिम का नहीं है. सवाल शुद्ध मतदाता सूची का है. वो बनना चाहिए. ये नाकामी उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की, चुनाव आयोग की है. इसे स्वीकार कर लें तो ज्यादा अच्छा होगा और शुद्ध मतदाता सूची बनाएं, इस पर जोर दें. ना कि उसमें धर्म का एंगल लाएं.

जैसे राम ने यादव को मारा है, राम ने शर्मा को मारा, वहां साम्प्रदायिकता फैलाई चुनाव आयोग ने. आज फिर चुनाव आयोग बीजेपी के जरिए साम्प्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर रहा है. समाजवादी पार्टी इसकी घोर निंदा करती है. ये मांग करती है कि मतदाता सूची शुद्ध होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें – ‘वोटर लिस्ट से 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम गायब’, यूपी में SIR पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उठाए सवाल




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button