धर्म

Sawan Putrada Ekadashi 2026: 23 अगस्त की पूजा के लिए आज ही रख लें तुलसी, एकादशी पर पत्ता तोड़ने की क्यों है मनाही?


Sawan Putrada Ekadashi 2026: 23 अगस्त 2026 को श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल चढ़ाने की विशेष परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि श्रीहरि को तुलसी अत्यंत प्रिय है, इसलिए एकादशी की पूजा में तुलसी अर्पित करने से पूजा का महत्व बढ़ जाता है.

चूंकि हिंदू धर्म में एकादशी पर तुलसी तोड़ना मना है इसलिए पूजा के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें. एकादशी पर तुलसी से जुड़े इन नियमों का भी खास ध्यान रखें. 

एकादशी से पहले ही क्यों तोड़ लें तुलसी?

धार्मिक परंपरा है कि एकादशी के दिन विष्णु प्रिय तुलसी में न तो जल चढ़ाना चाहिए न ही तुलसी दल तोड़ना चाहिए. मान्यता अनुसार इस दिन तुलसी माता भी व्रत रखती है. ऐसे में इन कार्यों व्रत में बाधा आ सकती है इसलिए

इसलिए तुलसी के पौधे को उस समय परेशान न करने की परंपरा विकसित हुई. एकादशी के दिन पौधे से पत्ते तोड़ने के बजाय पहले से रखे हुए तुलसी दल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

एकादशी के दिन तुलसी के क्या नियम हैं?

एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को लेकर अनावश्यक छेड़छाड़ न करें. पूजा करते समय तुलसी को प्रणाम करें और श्रद्धा से भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. शाम को तुलसी में घी का दीपक लगाकर विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें.मान्यता है इससे एकादशी व्रत 

तुलसी तोड़ते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • तुलसी के पत्ते स्वच्छ होकर और श्रद्धा के साथ तोड़ने की परंपरा है. शाखा को नुकसान न पहुंचाएं और पत्तों को खींचकर पौधे की टहनी न तोड़ें.
  • कई वैष्णव परंपराओं में तुलसी तोड़ने से पहले क्षमा प्रार्थना करें.
  • तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले हमेशा हाथ जोड़कर अनुमति लें. 
  • कभी भी तुलसी के पत्तों को चाकू, कैंची या फिर नाखून की मदद से नहीं तोड़े बल्कि उंगलियों का इस्तेमाल करें.
  • बिना स्नान किए तुलसी के पत्ते को ना तो छुए और ना ही तोड़े.पूजा में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते.
  • शाम के समय में भूलकर भी तुलसी का पत्ता ना तोड़े.

FAQ

1. क्या एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को छू सकते हैं?
एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को अनावश्यक रूप से छूने या पत्ते तोड़ने से बचने की परंपरा है. पौधे के सामने दीपक जलाकर प्रणाम और पूजा की जा सकती है.

2. क्या एकादशी पर भगवान विष्णु को पहले से तोड़े हुए तुलसी दल चढ़ा सकते हैं?
हां, पूजा के लिए एक दिन पहले तोड़े गए तुलसी दल का इस्तेमाल किया जा सकता है. तुलसी दल को स्वच्छ स्थान पर सुरक्षित रखकर एकादशी के दिन भगवान विष्णु को अर्पित करें.

3. तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले क्या करना चाहिए?
तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले स्नान करके हाथ-पैर स्वच्छ करें. तुलसी माता को प्रणाम कर उनसे पत्ते लेने की अनुमति और क्षमा प्रार्थना करने की परंपरा है. इसके बाद बिना नाखून लगाए सावधानी से पत्ते तोड़ें.

4. क्या एकादशी के दिन तुलसी में दीपक जला सकते हैं?
हां, शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण और मंत्र जाप किया जा सकता है. धार्मिक मान्यता में इसे शुभ माना जाता है.

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