

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के युवाओं से जुड़ाव सिर्फ भाषणों और बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने छात्रों, युवाओं और नए भारत के सपनों को सीधे सुनने और उनसे संवाद करने के लिए कई ऐसे मंच तैयार किए हैं, जिन्होंने करोड़ों युवाओं को जोड़ने का काम किया है. यही वजह है कि शिक्षा, रोजगार, तकनीक, स्टार्टअप, खेल और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में युवाओं को केंद्र में रखकर कई पहलें आगे बढ़ाई गई हैं.
प्रधानमंत्री के युवाओं से जुड़ाव का सबसे बड़ा उदाहरण ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम है. परीक्षा के तनाव को कम करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ प्रधानमंत्री के वार्षिक संवाद का बड़ा मंच बन चुका है.
साल 2026 में इस कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए. सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं. खासकर इंस्टाग्राम के जरिए वे सीधे युवा पीढ़ी तक अपनी बात पहुंचाते हैं और उनकी पसंद के माध्यम का इस्तेमाल करते हैं.
प्रधानमंत्री का एक अलग और सहज रूप भी अक्सर देखने को मिलता है. उनसे मिलने आने वाले परिवारों के बच्चों के साथ उनकी तस्वीरें और बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनती रहती हैं.
इसी तरह इस साल सिक्किम में युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ उनका दोस्ताना फुटबॉल सत्र भी काफी चर्चित रहा. ट्रेन और मेट्रो यात्राओं के दौरान भी प्रधानमंत्री कई बार छात्रों और युवा यात्रियों से सीधे बातचीत करते नजर आए हैं, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर युवाओं की सोच और आकांक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है.
उच्च शिक्षा और मेडिकल शिक्षा में भी बड़े पैमाने पर विस्तार
युवाओं को लेकर प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतियों में भी इसकी स्पष्ट झलक दिखाई देती है. नई शिक्षा नीति 2020 के जरिए लचीली शिक्षा व्यवस्था, बहु-विषयक अध्ययन, कौशल विकास और तकनीक आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया. उच्च शिक्षा और मेडिकल शिक्षा में भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है.
साल 2014 में जहां देश में MBBS की 51,348 सीटें थीं, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1,39,864 हो गई. इसी अवधि में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें 31,185 से बढ़कर 86,360 तक पहुंच गईं.
स्कूल स्तर पर नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना की गई. जून 2026 तक देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा चुकी थीं और इनके जरिए 1.1 करोड़ से ज्यादा छात्र-छात्राओं को नवाचार एवं समस्या समाधान की गतिविधियों से जोड़ा गया.
रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने युवाओं के लिए कई पहलें शुरू की हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 10 लाख केंद्रीय सरकारी पदों पर भर्ती के लक्ष्य के साथ रोजगार मेलों की शुरुआत की थी. इन मेलों के माध्यम से जारी नियुक्ति पत्रों की संख्या अब मूल लक्ष्य से भी आगे निकल चुकी है.
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी युवाओं के लिए संभावनाएं बढ़ीं
भविष्य की अर्थव्यवस्था में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी खास फोकस किया गया है. इंडिया AI मिशन के तहत कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने, स्टार्टअप्स को सहयोग देने और AI कौशल विकसित करने पर काम हो रहा है. ‘युवा AI फॉर ऑल’ और ‘इंडियाAI डेटा एंड AI लैब्स’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों तक AI प्रशिक्षण पहुंचाया जा रहा है.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भी युवाओं के भविष्य से जोड़ा जा रहा है. शुरुआती 2026 तक लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी थी. माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में रोजगार और तकनीकी अवसर पैदा होंगे.
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी युवाओं के लिए संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं. सरकार की ओर से स्पेस सेक्टर को अधिक खुला बनाने के बाद निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ी है. 2014 में जहां देश में केवल एक स्पेस स्टार्टअप था, वहीं आज सैकड़ों पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप्स इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया गया
डिजिटल इकोनॉमी के नए क्षेत्रों जैसे गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, एनीमेशन, AVGC, पॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया को भी सरकार अवसर के रूप में देख रही है. WAVES जैसे मंचों पर प्रधानमंत्री ने क्रिएटर इकोनॉमी से जुड़े युवाओं के साथ संवाद कर इन क्षेत्रों में उभर रही संभावनाओं पर जोर दिया है.
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए भी सरकार अभियान चला रही है. अगस्त 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की, जिसके तहत 100 सप्ताह तक चलने वाला देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया गया.
इसके अलावा ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ जैसे मंचों के जरिए युवाओं को उद्यमिता, नवाचार, कृषि, महिला नेतृत्व, सतत विकास, लोकतंत्र और भविष्य के रोजगार से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर दिया गया है.
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी के युवाओं से जुड़ाव का केंद्र बिंदु केवल संवाद नहीं, बल्कि अवसर निर्माण रहा है. शिक्षा से रोजगार तक, AI से स्पेस सेक्टर तक और नवाचार से डिजिटल अर्थव्यवस्था तक, सरकार की विभिन्न पहलों का फोकस देश की युवा पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना बताया जा रहा है.
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