

भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने से शुरू हुआ सियासी घमासान लगातार जारी है. इस मामले को लेकर अब पोस्टर वॉर शुरू हो गया है. दूसरी तरह कांग्रेस लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. पोस्टर वॉर की शुरुआत भाजपा की ओर से की गई है, जिसे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान का विरोध माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘सीट चोरी में कोर्ट, चुनाव आयोग और भाजपा शामिल हैं.
मीनाक्षी नटराज को लेकर मध्य प्रदेश में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद पोस्टर वॉर देखने को मिल रहा है. भाजपा कार्यालय के सामने लगे दिग्विजय सिंह के पोस्टर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया.#mpnews #MPPolitics #DigvijaySingh pic.twitter.com/V4aZE0246Q
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) June 14, 2026
पोस्टर पर क्या लिखा, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फाड़ा?
दरअसल, भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने दिग्विजय सिंह का पोस्टर लगाया गया था, इस पोस्टर पर दिग्विजय सिंह की तस्वीर के साथ लिखा-‘जब फैसला मन का न हो तो अदालत भी कटघरे में, सुप्रीम कोर्ट चोर है, EVM गतल, चुनाव आयोग गलत़, सरकार गलत और अब सुप्रीम कोर्ट भी गलत’. इस पोस्टर की जानकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दिग्विजय के समर्थकों को लगी तो मौके पर पहुंची और पोस्टर को फाड दिया. इस दौरान उन्होंने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की.
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दिग्विजय सिंह ने क्या बयान दिया था?
बता दें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी. दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होना मिली-जुली सीट “चोरी” है. इस चोरी में चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है. इस बयान के बाद बड़ा सियासी विवाद छिड़ गया था. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने न्यायालय की अवमानना अधिनियम (Contempt of Court Act, 1971) के तहत कार्रवाई की मांग की थी.
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